Home Newsदलित होने की वजह से दर्शन सोलंकी ने की आत्महत्या? परिवार की मांग – इस एंगल से भी हो जांच

दलित होने की वजह से दर्शन सोलंकी ने की आत्महत्या? परिवार की मांग – इस एंगल से भी हो जांच

by awaaztv_nwp
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आईआईटी बॉम्बे में सुसाइड करने वाले छात्र दर्शन सोलंकी के पिता ने पुलिस से कॉस्ट एंगल के आधार पर भी मामले की जांच करने की गुजारिश की है.आईआईटी मुंबई के फर्स्ट ईयर बीटेक (केमिकल) ब्रांच के स्टुडेंट दर्शन सोलंकी ने बीती फरवरी की 12 तारीख को पवई की सात मंजिला इमारत से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी. हॉस्टल बिल्डिंग से गिरकर सीधे सोलंकी की मौत हो गई. अब उनके पिता ने पुलिस से कहा है, पुलिस इस एंगल से जांच करे कि क्या सोलंकी की सुसाइड के पीछे उनका दलित होना था?

दर्शन के पिता रमेश सोलंकी ने गुरुवार (11 मई) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मुंबई पुलिस की एसआईटी को अपनी जांच का एक एंगल दर्शन की जाति से जोड़कर भी करना चाहिए. श्री सोलंकी और उनके परिवार के सदस्य मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और सांसद भालचंद्र मुणगेकर के साथ इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या बोले दर्शन के पिता?
रमेश सोलंकी के पिता ने कहा, एसआईटी को केवल दर्शन के हॉस्टल रूम से मिले सुसाइड नोट के बेसिस पर ही मामले की जांच नहीं करनी चाहिए, बल्कि दर्शन के कॉस्ट को देखते हुए इस एंगल से भी जांच करनी चाहिए. रमेश ने अंदेशा जताया, उनके बेटे को कॉलेज में कहीं उनकी जाति कि वजह से तो मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया गया जिससे उसने आत्महत्या करने को अंतिम विकल्प के तौर पर चुना. उनके पिता ने बताया, उन्होंने सभी संभावित मामलों के सबूत एसआईटी को सौंप दिए हैं.

दर्शन की सुसाइड के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने उसके रूममेट आरोपी अरमान खत्री को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन बाद में उसको जमानत पर रिहा कर दिया था. मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि सोलंकी को जातिगत भेदभाव के आधार पर परेशान किया गया था या उसे आत्महत्या के लिए उकसाया गया।

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप इस बात का फैसला लेने और सजा देने के लिए काफी नहीं हैं कि खत्री ने दर्शन को आत्महत्या करने के लिए उकसाया था। दरअसल, खत्री को 9 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। जस्टिस ए पी कनाडे ने शनिवार यानी 6 मई को खत्री को जमानत दी थी, लेकिन इस बारे में विस्तृत आदेश बुधवार को सामने आया।

खत्री ने कहा था- मामले से उसका कोई संबंध नहीं
खत्री ने अपनी जमानत याचिका में दावा किया था कि उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं था। घटना के लगभग दो महीने बाद उसे शक के आधार पर 9 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि रिकॉर्ड पर कागजात देखने से पता चलता है कि जांच अधिकारी ने गवाहों के बयान दर्ज किए और आरोपी के कहने पर एक पेपर कटर जब्त किया। पुलिस ने बताया था कि जांच में पता चला था कि दर्शन सोलंकी ने खत्री को उसके मुस्लिम धर्म को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं थीं। इसी को लेकर खत्री ने सोलंकी को पेपर कटर से जान से मारने की धमकी दी थी।

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