संस्कृति के नाम से जिस कूड़े-करकट के ढेर का बोध होता है, वह न संस्कृति है न रक्षणीय वस्तु। क्षण-क्षण परिवर्तन होने वाले संसार में किसी भी चीज़ को पकड़कर …
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विश्व नदी दिवस दुनिया के जलमार्गों का उत्सव है। यह हमारी नदियों के अनेक मूल्यों पर प्रकाश डालता है, जन जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करता है, और दुनिया भर की …
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पंकज श्रीवास्तव भारत गणतंत्र का संविधान स्वीकार किये जाने के एक दिन पहले 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा में डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भारत को ‘नेशन इन मेकिंग’ (बनता …
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राष्ट्रनिर्माता डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ने 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को राष्ट्र को समर्पित किया था। संविधान सभा के ड्राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष डॉ. आंबेडकर के 125वें जयंती वर्ष …
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राजेश चन्द्रा पूरे विश्व में कुछ व्यक्तित्व धम्म ध्वजा की तरह हैं जिनके कारण धरती के सभी महाद्वीपों पर धम्म पताकाएं फहरा रही हैं। असंशयरूप से परम पावन दलाई लामा …
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आदिवासियों, दलितों और ओबीसी को अंग्रेजी शिक्षा से वंचित करने का ‘शाही’ षडयंत्र
by awaaztv_nwp0 viewsBY KANCHA ILAIAH SHEPHERD कांचा इलैया शेपर्ड अभी कुछ समय पहले तक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ‘एक राष्ट्र, एक भाषा’ सिद्धांत के कट्टर समर्थक थे। ‘एक भाषा’ से उनका आशय था …
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– एस.आर. दारापुरी आई.पी.एस. (सेवानिवृत्त) भगवान दास का जन्म 23 अप्रैल, 1927 को जुतोग छावनी, शिमला (हिमाचल प्रदेश) में रहने वाले एक अछूत परिवार में हुआ था। उन्होंने द्वितीय विश्व …
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As an youngest CEO/Managing Director of a TV channel, Awaaz India, with a reach in 4 States with 40 million viewership, at the age of 35 years, is very gratifying …
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आज आश्विन मास की पूर्णिमा है जिसे हम शरद पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं। प्रत्येक पूर्णिमा की भांति ही बौद्धों में इस पूर्णिमा का विशेष महत्त्व है। आइए …
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बौद्ध बनकर क्या मिला? डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के धर्मांतर से क्या क्रांति हुई !
by awaaztv_nwp0 viewsDilip Mandal जो दलित हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध बन गए, उनकी शैक्षणिक स्थिति, शहरीकरण, सेक्स रेशियो और काम करने वालों की संख्या न सिर्फ़ हिंदू दलितों से बल्कि तमाम हिंदुओं …