तथागत भगवान बुद्ध प्रतिदिन सुबह भिक्षा के लिए निकल जाते थे। एक बार भगवान बुद्ध भिक्षा के लिऐ एक किसान के यहां पहुंचे । तथागत को भिक्षा के लिये आया …
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मैं बुद्ध की धरती, भारत से आती हूं। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और मेट की पार्टनरशिप को आगे बढ़ाते हुए तथा ‘ट्री एंड सर्पेंट’ प्रदर्शनी को प्रस्तुत करते हुए मुझे गर्व की …
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कार्तिक पूर्णिमा का महत्त्व (Importance of Kartika Purnima or Poya day)
by awaaztv_nwp0 viewsबौद्धों में अन्य पूर्णिमाओं की भांति ही कार्तिक पूर्णिमा का भी बड़ा महत्त्व है। जहाँ तक संभव हो इस दिन विहारों में जाकर और संभव न हो तो घर पर …
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वैशाख की पूर्णिमा की रात को सिद्धार्थ गौतम बुद्धत्व को उपलब्ध हो गये। अब वह सिद्धार्थ न रहे। उन्होंने स्वयं घोषणा की कि अब वे बुद्ध हैं।इस सम्बन्ध में विनय …
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समय बीतता चला जाता है | देखते -देखते उम्र ढल जाती है | इस संसार मे इन्सान नामक गजब का प्राणी है की, न जाने अंजाने मे कितने बंधन मे …
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अरब के मुल्कों ने बुद्धिज्म से ही अंक – प्रणाली सीखी है….. चीन ने मार्शल आर्ट सीखा है….श्रीलंका ने शील सीखा है….यूरोप ने कार्य – कारण सिद्धांत सीखा है… .जापान …
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मेडिटेशन (विपस्सना) के कारण बिना खाना खाये 9 दिन तक कैसे गुफा में जीवित रहें बच्चें !
by awaaztv_nwp0 viewsजून 2018 की ये घटना है उस वक्त पूरी दुनिया करीब दो हफ्ते तक दम साधे बस एक खबर का इंतजार कर रही थी. थाईलैंड की गुफा में फंसे वो …
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“हे मानव ! तुम शेर के सामने जाने से मत डरना,यह बहादुरी की परीक्षा है। तुम तलवार का सामना करने से भी भयभीत मत होना, यह त्याग की कसौटी है। …
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बोधिसत्व डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ने म्यानमार (बर्मा) में क्या प्रण लिया था
by awaaztv_nwp0 viewsहर साल एक सवाल सामने आता है कि संख्या गणना में यह कौन-सी बुद्ध जयंती है? कुछ लोग हर साल यह सवाल पूछ बैठते हैं।नुक्ते की चार बातें याद रखने …
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तथागत बुद्ध ने बुद्धत्व प्राप्ति (ई. पूर्व ५८८) से लेकर महापरिनिर्वाण पर्यन्त (ई. पूर्व ५४३) जो कुछ उपदेश किए, सब मौखिक ही। उन्होंने किसी ग्रन्थ का न तो प्रणयन किया और न …
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