हजारों साल पहले सम्राट अशोक ने धम्म का अनुवाद रिलिजन नहीं कराया था….. अशोक को पता था कि बौद्ध कोई धर्म नहीं है बल्कि धम्म है….. इसीलिए इतिहासकार सम्राट अशोक …
Buddha Vachan
-
-
Buddha Vachan
भिक्खुओं! जो मेरी सेवा करना चाहता है, वह रोगी की सेवा करें । – तथागत बुद्ध
by Admin251 viewsएक बार तथागत बुद्ध भिक्खु आनंद के साथ एक बड़े विहार में भिक्खु निवास का निरीक्षण कर रहे थे. एक कमरे में एक भिक्खु अपने मल मूत्र में असहाय पड़ा …
-
बात 2003 की है, तिब्बत के साक्या बौद्ध मठ में पुस्तकालय मिला, पुस्तकालय में 84,000 पुराने प्रकार की लिखी हुईं किताबें मिलीं, जानकारी के अभाव में सैकड़ों साल से इन्हें …
-
कर्नाटक इतिहास अकादमी ने रिसर्च किया है कि कर्नाटक के कुछ भागों में बुद्ध की माँ की पूजा Bananthi Kallu के रूप में होती है …. जिस परिवार जब किसी …
-
Buddha Vachan
आप आगे जाइए ,हमारे पिताजी बासी भोजन कर रहे हैं। – मीगार माता विशाखा
by Admin306 viewsविशाखा अपने ससुर मीगार सेठ को अपने हाथ से पका कर ताजा-गर्म भोजन स्वयं परोस कर खिला रही थी। मीगार सेठ सोने-चांदी के बर्तनों में भोजन करता था। भोजन के …
-
तीन सुख के इच्छुक सज्जनों के संग करे। कौन तीन सुख ? १. प्रशंसा २. धनलाभ ३. मरणानन्तर सुगति । जो पुरुष स्वयं पाप नहीं करता, परन्तु पापकर्ता पुरुष का …
-
“भगवान ! परिनिवृत होऊंगा।”- मोग्गल्लान भगवान ने पूछा-” परिनिवृत? मोग्गल्लान !” ” हां भगवा।” “किस स्थान पर? “काल-शिला प्रदेश में।” (वर्तमान राजगृह, बिहार में यह स्थान स्थित है) शास्ता ने …
-
पहले जाने की ऋद्धियां क्या है? एक होकर बहुत होता है, बहुत होकर एक होता है। प्रगट होता है, अन्तर्ध्यान होता है। दीवार के आरपार,प्राकार के आरपार और पर्वत के …
- 1
- 2