डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम को मातृवादी फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2025 के भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार नागपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में सेवा देने वाले डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम एक ऐसे व्यक्तित्व हैं जो समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाते रहे हैं।
नागपुर: डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम को मातृवादी फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2025 के भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार नागपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में सेवा देने वाले डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम एक ऐसे व्यक्तित्व हैं जो समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाते रहे हैं।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में शिखर तक पहुंचने वाले वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ़ न्यूरोलॉजी के ट्रस्टी डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम बहुआयामी और महान व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने समाज के लिए निरंतर संघर्ष किया है। पिता से मिली समाजसेवा की विरासत को उन्होंने आगे बढ़ाया है. चिकित्सा के साथ साथ सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी उनका योगदान अमूल्य है.
डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम को मातृवादी फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2025 के भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार नागपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई द्वारा प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व न्यायमूर्ति विजय डागा , मुंबई उच्च न्यायलय की नागपुर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधीश अनिल किलोर, कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल सइंसेस के प्रमुख सलाहकार डॉ वेदप्रकाश मिश्रा , पूर्व न्यायमूर्ति विकास सिरपुरकर तथा मारवाड़ी फाउंडेशन के अध्यक्ष गिरीश गाँधी उपस्थित थे.
इस दौरान पूर्व सीजेआई गवई ने कहा कि भारत ने चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध तथा आपातकाल जैसी कई चुनौतियों का सामना किया है,लेकिन डॉ. बाबासाहब आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के कारण देश आज भी एकजुट है.
न्यायमूर्ति डागा ने कहा कि डॉ. मेश्राम का सम्मान मानवता की सेवा करनेवाले विचारों एवं चिकित्सा क्षेत्र के दीपस्तम्भ का सम्मान है. डॉ. वेदप्रकाश मिश्रा ने कहा कि डॉ. मेश्राम का सम्मान किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि मिशन का सन्मान है. न्यायमूर्ति अनिल किलोर ने कहा कि डॉ. मेश्राम का जीवन नयी पीढ़ी को दिशा दिखा रहा है.
डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम ने अपने संबोधन में कहा:”यह सम्मान मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।डॉ. आंबेडकर की सामाजिक,शैक्षणिक ,वैचारिक , क्रांति से महिलाओ को अधिकार मिले , न्यायमूर्ति गवई सीजेआई के पद तक पहुंचे, और मेरे जैसे गांव के बच्चे को विश्व स्तर तक पहुंचने का मौका मिला , ऐसे महापुरुषों के नाम का पुरस्कार मिलना मेरे लिए सर्वोच्च सम्मान है.
कार्यक्रम की प्रस्तावना गिरीश गाँधी ने की , तथा सञ्चालन शुभदा फडणवीस और आभार प्रदर्शन अतुल कोटेचा ने किया. इस पुरस्कार समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।


