नई दिल्ली। भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने प्रक्रिया से जुड़ी अहम जानकारी जारी की है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिकारियों को ‘हाउसहोल्ड शेड्यूल’ के माध्यम से परिवारों और उनके सदस्यों से जुड़ी विभिन्न जानकारियां जुटानी होंगी।
अधिसूचना में बताया गया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8(1) के तहत जनगणना अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में रहने वाले लोगों से निर्धारित जानकारियों से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं।
आपसे पूछे जा सकते हैं ये सवाल
जनगणना के दौरान व्यक्ति और परिवार से जुड़ी कई तरह की जानकारियां ली जाएंगी। इनमें मुख्य रूप से—
- व्यक्ति का नाम और परिवार के मुखिया से संबंध
- लिंग, जन्मतिथि और उम्र
- वर्तमान वैवाहिक स्थिति
- शादी के समय उम्र और जीवनसाथी का नाम
- धर्म और बताई गई राष्ट्रीयता
- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और जाति
- पिता और माता का विवरण
- दिव्यांगता से संबंधित जानकारी
- मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं
- साक्षरता और डिजिटल साक्षरता
- शिक्षण संस्थान में उपस्थिति
- उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और विषय/स्ट्रीम
- पिछले वर्ष काम किया या नहीं
- आर्थिक गतिविधि की श्रेणी
- पेशा और उद्योग/व्यापार/सेवा का प्रकार
- कामगार की श्रेणी
- गैर-कामगारों से संबंधित गतिविधि
- काम की तलाश या काम के लिए उपलब्धता
- काम की जगह तक आने-जाने की जानकारी
- जन्म स्थान
- पिछली बार कहां निवास किया था
- माइग्रेशन का कारण
- वर्तमान गांव/शहर में रहने की अवधि
- स्थायी आवासीय पता
- महिलाओं से संबंधित संतान संबंधी जानकारी
- पिछले एक साल में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या
- कोविड-19 टीकाकरण की जगह
- बैंक खातों की कुल संख्या
- मोबाइल नंबर, यदि उपलब्ध हो
- आधार नंबर, यदि उपलब्ध हो
- वोटर आईडी नंबर, यदि उपलब्ध हो
- भारतीय पासपोर्ट होने पर पासपोर्ट नंबर
- ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता
महिलाओं से जुड़े सवाल भी होंगे
अधिसूचना के मुताबिक वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं से उनके जीवित बच्चों की संख्या और अब तक जीवित पैदा हुए बच्चों की कुल संख्या जैसी जानकारी भी मांगी जा सकती है। वर्तमान में विवाहित महिलाओं से पिछले एक वर्ष में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी।
बर्फबारी वाले क्षेत्रों में पहले शुरू होगी प्रक्रिया
जनगणना की प्रक्रिया पूरे देश में एक साथ शुरू नहीं होगी। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में लोगों की गिनती 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच किए जाने की योजना है।
देश के बाकी हिस्सों में जनगणना की प्रक्रिया अगले वर्ष शुरू होगी।
क्यों महत्वपूर्ण है जनगणना 2027?
जनगणना के जरिए देश की आबादी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं से जुड़ा व्यापक आंकड़ा तैयार किया जाता है। सरकार और नीति-निर्माताओं के लिए ये आंकड़े योजनाओं और संसाधनों के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यानी अगली जनगणना में सिर्फ परिवार के सदस्यों की संख्या ही नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, प्रवास, भाषा, सामाजिक श्रेणी और कई अन्य पहलुओं से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।