Awaaz India Tv

कचरे में एक प्लास्टिक बैग से निकला 36 तोला सोना…फिर महिला सफाईकर्मी ने लिया वो फैसला, चौंक गया पूरा शहर

कचरे में एक प्लास्टिक बैग से निकला 36 तोला सोना…फिर महिला सफाईकर्मी ने लिया वो फैसला, चौंक गया पूरा शहर

चेन्नई में कचरे से भरे ट्रक में जब एक प्लास्टिक बैग से 36 तोला सोना निकला, तो किसी की किस्मत चमक सकती थी लेकिन नगर निगम की सफाईकर्मी पद्मा ने सोने को जेब में रखने के बजाय पुलिस को सौंप दिया. करीब 45 लाख रुपये कीमत के गहनों को लौटाकर उन्होंने साबित कर दिया कि ईमानदारी आज भी जिंदा है. मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पद्मा को सम्मानित कर 1 लाख रुपये का ईनाम दिया. यह कहानी सिर्फ सोने की नहीं, जमीर की जीत की है.

चेन्नई. आम जिंदगी में अक्सर ऐसा होता है कि सड़क पर चलते-चलते अगर हमें एक रुपया भी मिल जाए, तो हम चारों ओर देख लेते हैं कोई देख तो नहीं रहा. अगर कोई पूछ ले, क्या ये तुम्हारा है? तो हम झट से मना कर देते हैं और अगले ही पल वह सिक्का हमारी जेब में चला जाता है. लेकिन सोचिए, अगर किसी को कचरे से भरे ट्रक में अचानक 36 तोला सोना मिल जाए जिसकी कीमत करीब 45 लाख रुपये हो तो वह क्या करेगा? चेन्नई में जो हुआ वह इसी सवाल का जवाब है और यह जवाब ऐसा है, जिसने पूरे देश को एक बार फिर ईमानदारी और इंसानियत पर भरोसा करना सिखा दिया. यह घटना तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के त्रिप्लिकेन इलाके की है. 45 वर्षीय पद्मा, जो ग्रेटर चेन्नई नगर निगम में सफाईकर्मी के तौर पर काम करती हैं, रविवार की सुबह रोज़ की तरह अपने काम पर थीं.

मुपथु अम्मन कोइल स्ट्रीट पर सड़क किनारे सफाई करते वक्त उनकी नजर एक कूड़े के ठेले में रखी प्लास्टिक की थैली पर पड़ी. आमतौर पर ऐसे बैग में सड़ा-गला कचरा, फल-सब्जी या बेकार सामान होता है लेकिन पद्मा को कुछ अलग महसूस हुआ. थैली भारी थी और अजीब तरीके से रखी गई थी. जैसे ही पद्मा ने थैली खोली, वह पल भर के लिए सन्न रह गईं. अंदर सोने का हार, झुमके और चूड़ियां थीं. असली, भारी और चमकदार. एक पल के लिए कोई भी इंसान सोच सकता है किस्मत खुल गई. इतने पैसों से जिंदगी बदल सकती है लेकिन पद्मा के दिमाग में उस वक्त एक ही बात आई. जिसने यह सोना खोया है, वह कितनी तकलीफ में होगा.

पद्मा ने न तो सोना घर ले जाने की कोशिश की, न ही किसी से छिपाया. उन्होंने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे. काफी देर तक इंतजार किया गया कि शायद कोई व्यक्ति इस बैग को ढूंढते हुए आए लेकिन कोई नहीं आया. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पूरा सोना पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने मामला दर्ज किया और सोने के असली मालिक की तलाश शुरू की. कुछ घंटों की जांच के बाद सामने आया कि यह सोना रमेश नामक व्यक्ति का है. रमेश ने बताया कि वह अपने दोस्तों से बातचीत कर रहा था और उसी दौरान सोने से भरा बैग एक ठेले पर रख दिया. बातों में उलझा रहा और उठाना भूल गया. जब तक उसे याद आया, बैग जा चुका था. जरूरी दस्तावेजों और पहचान के बाद पुलिस ने करीब 36 तोला (45 लाख रुपये) का सोना रमेश को लौटा दिया

तमिलनाडु सरकार ने भी इस ईमानदारी को सलाम किया है. मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पद्मा को सचिवालय बुलाया और सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया. सरकार ने उन्हें 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है. दिलचस्प बात यह है कि पद्मा के पति सुब्रमणि भी पहले इसी तरह की ईमानदारी दिखा चुके हैं. कुछ समय पहले उन्होंने एक ऑटो में छूटे 1.5 लाख रुपये एक यात्री को लौटाए थे. सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि यह परिवार भले ही आर्थिक रूप से गरीब हो लेकिन संस्कारों में अमीर है.

जब पद्मा से पूछा गया कि उन्होंने इतना कीमती सोना क्यों लौटा दिया, तो उनका जवाब बेहद सादा था. सोना देखते ही मुझे लगा कि किसी परिवार की पूरी जमा-पूंजी खो गई होगी. मैं उनके दर्द की वजह नहीं बनना चाहती थी. यह शब्द सुनकर कई लोग भावुक हो गए. यह कहानी जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. लोगों ने पद्मा को ‘रियल हीरो’, ‘ईमानदारी की मिसाल’ और ‘सिस्टम से बड़ा इंसान’ कहा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *