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अमेरिका में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा 3700 KM की शांति पदयात्रा, भारत से पहुंचे ‘अलोका- द पीस डॉग’ ने बटोरीं सुर्खियां

अमेरिका में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा 3700 KM की शांति पदयात्रा, भारत से पहुंचे ‘अलोका- द पीस डॉग’ ने बटोरीं सुर्खियां

बौद्ध भिक्षुओं का एक समूह शांति को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में एक पदयात्रा कर रहा है। उनके साथ हर कदम पर ‘अलोका’ नाम की एक शांत फीमेल डॉग भी है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। यह शांति पदयात्रा जॉर्जिया से गुजर रही है और रास्ते पर ‘अलोका’ भी सबका ध्यान खींच रही है। इसे सोशल मीडिया पर प्यार से ‘शांति का कुत्ता’ कहा जा रहा है। माथे पर दिल के आकार का निशान लिए ‘अलोका’ अक्सर भिक्षुओं के साथ चुपचाप चलती हुई दिखाई देती है, कभी-कभी आत्मविश्वास से आगे निकल जाती है।

बौद्ध भिक्षुओं का एक समूह शांति को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में एक पदयात्रा कर रहा है। उनके साथ हर कदम पर ‘अलोका’ नाम की एक शांत फीमेल डॉग भी है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। यह शांति पदयात्रा जॉर्जिया से गुजर रही है और रास्ते पर ‘अलोका’ भी सबका ध्यान खींच रही है। इसे सोशल मीडिया पर प्यार से ‘शांति का कुत्ता’ कहा जा रहा है। माथे पर दिल के आकार का निशान लिए ‘अलोका’ अक्सर भिक्षुओं के साथ चुपचाप चलती हुई दिखाई देती है, कभी-कभी आत्मविश्वास से आगे निकल जाती है।

भारत से शुरू हुई कहानी
फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘अलोका’ की कहानी भारत में शुरू हुई, जहां वह एक आवारा कुत्ते के रूप में रहती थी और एक शांति यात्रा के दौरान भिक्षुओं के साथ जुड़ गई। उनके साथ वफादारी से चलने और उन्हें छोड़ने से इन्कार करने के बाद, ‘अलोका’ उनकी यात्रा का एक स्थायी हिस्सा बन गई, और अब उसकी वफादारी अमेरिका भर में मीलों तक फैली हुई है।

यह यात्रा ‘हुआंग दाओ विपासना आध्यात्मिक केंद्र’ की अगुवाई में हो रही है। भारत में एक दिन अचानक यह आवारा कुत्ता भिक्षुओं के साथ चलने लगा। इसके बाद उसने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा। जब भिक्षु अमेरिका जाने लगे, तो वे अलोक को भी अपने साथ ले गए।

उसे अलोक नाम भी इन्हीं बौद्ध भिक्षुओं ने दिया। संस्कृत में ‘अलोक’ का मतलब ‘रोशनी’ होता है। फिलहाल, यह टीम कैलिफोर्निया से वाशिंगटन डी.सी. की यात्रा पर है। अलोक अब तक भिक्षुओं के साथ 3,000 मील (4828 किमी से ज्यादा)से ज़्यादा का सफर तय कर चुका है। भिक्षुओं के साथ शांति से चलते हुए अलोक के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब ध्यान खींच रहे हैं।

2300 मील की पदयात्रा में छा गई अलोका
बताया जा रहा है कि, यह पदयात्रा 120 दिनों तक चलेगी और लगभग 2,300 मील की दूरी तय करेगी। इसमें बौद्ध​ भिक्षुओं का ग्रुप वाशिंगटन, डीसी की ओर बढ़ते हुए 10 राज्यों को कवर करेगा। जॉर्जिया के बाद, भिक्षुओं और ‘अलोका’ के जॉर्जिया के एथेंस से होकर या उसके पास से गुजरने की उम्मीद है।

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