Awaaz India Tv

एकनाथ शिंदे ने क्यों अपने विभाग अन्य मंत्रियों को सौंपे? जानें वजह

एकनाथ शिंदे ने क्यों अपने विभाग अन्य मंत्रियों को सौंपे? जानें वजह

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बजट सत्र के लिए अपने विभाग अस्थायी रूप से अन्य मंत्रियों को सौंपे हैं. यह व्यवस्था सत्र की सुचारु कार्यवाही सुनिश्चित करेगी. इस सत्र में अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में पहला कदम रखा है, जो राज्य की राजनीति में नई शुरुआत का प्रतीक है.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बजट सत्र के दौरान अपने पास मौजूद विभाग अस्थायी रूप से अन्य मंत्रियों को दे दिए हैं. यह व्यवस्था केवल बजट सत्र खत्म होने तक रहेगी. इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को पत्र भेजा है. महाराष्ट्र विधानसभा का सोमवार से बजट सत्र शुरू हुआ है. इस सत्र के दौरान छह मार्च को सीएम देवेंद्र फडणवीस राज्य का बजट विधानसभा में पेश करेंगे.विधानसभा का यह बजट सत्र अजित पवार की प्लेन क्रैश में निधन के बाद हो रहा है. अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री बनाई गई हैं और यह उनका पहला विधानसभा सत्र होगा.

क्यों लिया गया यह फैसला?
बजट सत्र के दौरान विधानसभा और विधान परिषद-दोनों सदनों में एक साथ सवाल पूछे जाते हैं. ऐसे में संबंधित विभागों के सवालों का जवाब देने में आसानी हो, इसलिए यह जिम्मेदारी दूसरे मंत्रियों को सौंपी गई है.राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत हुई. पहले दिन उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का परिचय कराया गया और दिवंगत नेता अजित पवार को श्रद्धांजलि दी गई.

सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे की भी संभावना जताई जा रही थी, लेकिन शोक प्रस्ताव होने के कारण विपक्ष ने सदन के अंदर या बाहर किसी प्रकार का कोई हंगामा नही किया. सदन के अगले दिन याने मंगलवार को सत्र का दूसरा दिन हंगामेदार रहने की उम्मीद है.

विमान हादसे में अजित पवार के निधन पर रार
सदन का पहला दिन सोमवार को अजित पवार के विमान हादसे की जांच और उसपर सदन के बाहर विधायकों-मंत्रियों के बयान से भरा रहा. एनसीपी के दोनों धड़ों ने अजित पवार के विमान हादसे को लेकर चल रही जांच पर असंतोष जताया तो वहीं अजित पवार पार्टी के विधायक अमोल मिटकरी ने कहा कि अजित दादा के हत्या की सुपारी कैप्टन सुमित कपूर, जो विमान के मुख्य कप्तान थे, ने ली थी. ये सुपारी किसने दी इसकी जांच हो.

वहीं, दोनों एनसीपी के विलय को लेकर भी कुछ नेताओं ने अपने बयान दिए, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित दादा को याद करते हुए यहां तक कहा कि अजित दादा कभी मुख्यमंत्री बन नहीं सके लेकिन अगर वो बनते तो सबसे बेहतरीन कार्यक्षम और अनुसाशित सीएम साबित होते.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *