Home » “SIR विवाद पर INDIA ब्लॉक का बड़ा प्लान: ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव की तैयारी, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च”

“SIR विवाद पर INDIA ब्लॉक का बड़ा प्लान: ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव की तैयारी, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च”

by Admin
0 comments 45 views

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों ने अपना आंदोलन तेज करने की रणनीति तैयार की है। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 30 सितंबर को हुई I.N.D.I.A. ब्लॉक की अहम बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR को लेकर उठ रहे सवालों और CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पर चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव की तैयारी पर भी विचार किया।

बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह, RJD नेता तेजस्वी यादव, NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। हालांकि, सभी विपक्षी दल बैठक में शामिल नहीं हुए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में नहीं पहुंचे और उनकी ओर से दो सांसदों के शामिल होने की बात सामने आई। AAP और DMK ने भी बैठक से दूरी बनाए रखी।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव की तैयारी

बैठक का सबसे अहम मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की प्रक्रिया रहा। रिपोर्टों के मुताबिक, विपक्षी दलों ने लोकसभा और राज्यसभा में प्रस्ताव लाने के लिए ड्राफ्ट नोटिस तैयार करने पर चर्चा की है। हालांकि, यह संवैधानिक प्रक्रिया है और केवल राजनीतिक घोषणा से CEC को पद से हटाया नहीं जा सकता। CEC को हटाने की प्रक्रिया संसद में विशेष बहुमत और संवैधानिक प्रावधानों के तहत आगे बढ़ती है।

गौरतलब है कि विपक्ष की ओर से पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ऐसा नोटिस दिया जा चुका है। हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, 73 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक नोटिस राज्यसभा में लंबित है, जबकि मार्च में दिया गया विपक्ष का पिछला नोटिस दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों ने स्वीकार नहीं किया था।

SIR को लेकर विपक्ष के गंभीर सवाल

विपक्षी दलों का आरोप है कि Special Intensive Revision (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए और इससे वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि मतदाता सूची को सही करने तथा मृत, डुप्लीकेट और अपात्र नामों को हटाने के लिए प्रक्रिया कानून के अनुसार की जा रही है।

हालांकि, चुनाव आयोग के भीतर SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर मतभेदों की रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद और बढ़ा है। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी। चुनाव आयोग ने इसके बाद मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े अपने सॉफ्टवेयर की समीक्षा भी शुरू की।

इम्युनिटी कानून को भी चुनौती देने की तैयारी

INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयुक्तों को कानूनी सुरक्षा देने वाले प्रावधान को भी मुद्दा बनाया गया। विपक्षी दलों ने इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की रणनीति पर चर्चा की है।

विपक्ष का तर्क है कि चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों को मिली कानूनी सुरक्षा जवाबदेही के सवाल खड़े करती है। वहीं, इस प्रावधान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पहले से कानूनी चुनौती भी सामने आ चुकी है।

6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च

बैठक के बाद विपक्षी दलों ने आंदोलन को सड़क तक ले जाने का भी फैसला किया। INDIA ब्लॉक ने 6 अक्टूबर को सांसदों के साथ चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। इसके अलावा 2 से 8 अक्टूबर के बीच देशभर में ‘Save Democracy’ अभियान के तहत जिला स्तर पर कार्यक्रम और रैलियां आयोजित करने की योजना बताई गई है।

विपक्ष ने इसे SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर दबाव बनाने की अपनी व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया है।

ममता बनर्जी ने विपक्षी कुनबा बढ़ाने की बात कही

बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्षी गठबंधन का दायरा बढ़ाने का सुझाव दिया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कहा कि INDIA ब्लॉक में और दलों को शामिल करने के लिए बातचीत की जानी चाहिए और BJD जैसी पार्टियों से भी संपर्क बढ़ाया जाना चाहिए।

ममता ने कथित तौर पर बताया कि उन्होंने BJD के एक नेता से बातचीत की है और उन्हें भी BJP की नीतियों का विरोध करने की बात कही गई है। हालांकि, BJD को INDIA ब्लॉक में शामिल करने को लेकर कोई औपचारिक फैसला सामने नहीं आया है। इसी बीच BJD सांसद सस्मित पात्रा ने भी हाल में ओडिशा में SIR को लेकर CEC के इस्तीफे की मांग दोहराई है।

खरगे ने भी उठाया अपमान का मुद्दा

बैठक में ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं के सामने अपने खिलाफ हो रही राजनीतिक गतिविधियों और परेशानियों का मुद्दा उठाया। इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपने खिलाफ हुए कथित व्यवहार का जिक्र किया। बैठक में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे को अलग-अलग राज्यों की राजनीति से जोड़ने के बजाय इसे राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बनाने पर जोर दिया।

विपक्ष के सामने एकजुटता की चुनौती

INDIA ब्लॉक की बैठक में कई प्रमुख दलों की मौजूदगी के बावजूद अखिलेश यादव, AAP और DMK की अनुपस्थिति ने विपक्षी एकता को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं। इसके बावजूद बैठक में शामिल दलों ने चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर साझा आंदोलन चलाने की रणनीति बनाई है।

इस पूरे विवाद में एक तरफ विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी प्रक्रियाओं को कानून के अनुरूप बता रहा है। इसलिए आने वाले दिनों में राजनीतिक आंदोलन के साथ-साथ अदालत और संसद में होने वाली कार्रवाई भी इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।

You may also like

Leave a Comment