नागपुर: नागपुर की ऐतिहासिक दीक्षाभूमि पर 20 अक्टूबर को होने वाले धम्मचक्र प्रवर्तन दिन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। देशभर से बड़ी संख्या में अनुयायियों के नागपुर पहुंचने की संभावना को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग ने श्रद्धालुओं के लिए आवास, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं की विस्तृत व्यवस्था शुरू की है। सामाजिक न्याय विभाग के प्रधान सचिव डॉ. हर्षदीप कांबळे ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
दीक्षाभूमि परिसर में बनेगा ‘भीमसृष्टि’
इस बार दीक्षाभूमि परिसर में आने वाले अनुयायियों के लिए तैयार किए जा रहे निवारा कक्षों के आसपास ‘भीमसृष्टि’ विकसित की जाएगी। इसमें संविधान और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन एवं विचारों से संबंधित साहित्य और सामग्री प्रदर्शित की जाएगी।
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए जर्मन हैंगर तकनीक पर आधारित अस्थायी निवारा कक्ष तैयार किए जाएंगे। इन कक्षों में पंखे, कूलर, प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ अंथरूण-पांघरूण यानी बिस्तर की व्यवस्था भी की जाएगी। इन निवारा कक्षों को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन और कार्य से जुड़े प्रसंगों के नाम दिए जाने की योजना है।

महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलग व्यवस्था
प्रशासन की योजना में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। परिसर में महिलाओं के लिए ‘हिरकणी कक्ष’, बच्चों के लिए खेलने की जगह और अलग-अलग सहायता कक्ष बनाए जाएंगे।
इसके अलावा अनुयायियों की समस्याओं और शिकायतों के तत्काल समाधान के लिए शिकायत निवारण केंद्र भी बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी जोर
लाखों लोगों की संभावित भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था को भी तैयारियों में प्रमुख स्थान दिया गया है। परिसर में पर्याप्त दवाइयों का स्टॉक, मेडिकल कक्ष, मोबाइल अस्पताल और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की योजना है।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था की तैयारी
धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सफाई व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। नियमित साफ-सफाई, कीटाणुनाशक और मच्छर प्रतिबंधक दवाओं का छिड़काव, पर्याप्त कूड़ेदान तथा मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था की जाएगी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
सुरक्षा के लिए पुलिस, महिला सुरक्षा दल और अग्निशमन व्यवस्था
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती के साथ महिला सुरक्षा दल, अग्निशमन विभाग और नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखा जाएगा। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए हेल्पलाइन, दिशादर्शक नक्शे और उद्घोषणा प्रणाली भी उपलब्ध कराने की योजना है।
सभी विभागों के बीच समन्वय पर डॉ. कांबळे का जोर
डॉ. हर्षदीप कांबळे ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि देशभर से आने वाले अनुयायियों को सुविधाएं समय पर और आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। इसके लिए सभी सरकारी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सूक्ष्म नियोजन करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सामाजिक न्याय विभाग की ओर से अनुयायियों के लिए प्रस्तावित सुविधाओं का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा सामाजिक न्याय विभाग के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे। तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के अनुरूप किए जाने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है।
दीक्षाभूमि पर बढ़ती सुविधाओं के बीच नई तैयारी
धम्मचक्र प्रवर्तन दिन हर वर्ष दीक्षाभूमि पर बड़ी संख्या में अनुयायियों को आकर्षित करता है। इसी को देखते हुए इस वर्ष प्रशासन का जोर केवल मुख्य कार्यक्रम पर नहीं, बल्कि रहने, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, महिला-बाल सुविधाओं और सूचना व्यवस्था को एक साथ मजबूत करने पर है।
इसके अलावा नागपुर महानगरपालिका और जिला प्रशासन की ओर से भी दीक्षाभूमि परिसर में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा और पार्किंग जैसी नागरिक सुविधाओं को समय पर पूरा करने की तैयारी चल रही है। इन व्यवस्थाओं के लिए 14 अक्टूबर तक की समयसीमा तय किए जाने की जानकारी सामने आई है।
20 अक्टूबर को होने वाले धम्मचक्र प्रवर्तन दिन से पहले दीक्षाभूमि पर तैयारियों का यह चरण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में अनुयायी नागपुर पहुंचते हैं। प्रशासन की मौजूदा योजना का फोकस श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और आवश्यक सुविधाओं से युक्त वातावरण उपलब्ध कराने पर है।