जयपुर के शहीद स्मारक पर NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक अज्ञात व्यक्ति ने थप्पड़ मार दिया। इसके बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ जयपुर में प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की और हंगामे की घटना सामने आई है। सोमवार को शहीद स्मारक पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने अभिजीत दीपके को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद और थप्पड़ मारने की घटना के बाद कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया। फिलहाल घटना को लेकर पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
कई मुद्दों को लेकर सीजेपी ने प्रदर्शन आयोजित किया था
कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, बेरोजगारी और अन्य छात्र-युवा मुद्दों को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
व्यापक सुधार और जवाबदेही तय करने की थी मांग
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे अब केवल परीक्षा अनियमितताओं तक सीमित नहीं हैं। छात्र, युवा और अभिभावक बेहतर और पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।
अभिजीत दीपके रविवार देर रात जयपुर पहुंचे थे। प्रदर्शन को लेकर जयपुर पुलिस ने निर्धारित शर्तों के साथ अनुमति दी थी। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम में अधिकतम 800 लोगों को शामिल होने की अनुमति प्रदान की गई थी। साथ ही आयोजकों को कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं करने के निर्देश भी दिए गए थे।
सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी पार्टी की शुरुआत
प्रदर्शन में शामिल होने जयपुर पहुंचे अभिजीत दीपके ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद ‘कॉकरोच’ शब्द चर्चा में आया था। इसी के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर पार्टी बनाने की घोषणा की थी। दीपके ने दावा किया कि उस समय उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर 20 हजार से अधिक फॉलोअर थे और बड़ी संख्या में युवाओं ने उनके विचारों का समर्थन किया।
कई शहरों में हो चुके हैं प्रदर्शन
पार्टी की ओर से इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर, पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन किए जा चुके हैं। संगठन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।