वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने 6 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर भाजपा महायुति सरकार की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि महाराष्ट्र में परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे मेहनत और प्रतिभा के बजाय पैसे का खेल बनती जा रही
मुंबई | महाराष्ट्र की परीक्षा और प्रवेश व्यवस्था एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। MHT-CET परीक्षा में कथित तौर पर पैसों के बदले मनचाहे अंक दिलाने, परीक्षा केंद्रों को मैनेज करने और नामी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश सुनिश्चित कराने का मामला सामने आया है। इस कथित गड़बड़ी को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है।
वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने 6 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर भाजपा महायुति सरकार की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि महाराष्ट्र में परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे मेहनत और प्रतिभा के बजाय पैसे का खेल बनती जा रही है।
वंचित बहुजन आघाड़ी ने शिक्षकों द्वारा किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए दावा किया है कि MHT-CET में अच्छे अंक दिलाने और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश दिलाने के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों से लाखों रुपये मांगे जा रहे हैं।
₹25 लाख में इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश दिलाने का आरोप
VBA की पोस्ट के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा अभिभावकों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि पैसे देने पर उनके बच्चों को MHT-CET में मनचाहे अंक और बेहतर पर्सेंटाइल दिलाए जा सकते हैं।
आरोप है कि नामी इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश दिलाने के लिए लगभग ₹25 लाख तक की मांग की जा रही है। इसके लिए कथित तौर पर परीक्षा केंद्रों को मैनेज करने और परीक्षा परिणामों को प्रभावित करने की बात कही जा रही है।
इस मामले में NCP (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने भी 5 नवंबर को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की थीं। उन्होंने दावा किया कि एजेंट विद्यार्थियों को 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक दिलाने और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश सुनिश्चित कराने के नाम पर बड़ी रकम मांग रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस कथित नेटवर्क में परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन और अंकों में हेरफेर करने के दावे भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की पुष्टि अभी बाकी है।
क्या परीक्षा केंद्रों को पैसे देकर मैनेज किया जा सकता है?
इस पूरे विवाद का सबसे गंभीर पहलू परीक्षा केंद्रों को कथित तौर पर प्रभावित करने का आरोप है।
MHT-CET जैसी राज्यस्तरीय प्रवेश परीक्षा में लाखों विद्यार्थी इंजीनियरिंग, फार्मेसी और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए शामिल होते हैं।
यदि परीक्षा केंद्रों पर किसी तरह की अनियमितता होती है या किसी विद्यार्थी को पैसे के बदले अनुचित लाभ मिलता है, तो इसका सीधा असर ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ सकता है।
VBA ने सवाल उठाया है कि जो विद्यार्थी दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, क्या उन्हें उन विद्यार्थियों के सामने नुकसान उठाना पड़ेगा जो कथित तौर पर पैसे देकर बेहतर परिणाम हासिल करने की कोशिश करते हैं?
पार्टी ने परीक्षा केंद्रों, परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसियों, शैक्षणिक सॉफ्टवेयर और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की है।
4.59 लाख विद्यार्थियों के डेटा लीक का भी उठा मुद्दा
MHT-CET विवाद में केवल परीक्षा परिणामों में कथित हेरफेर ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं।
रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि लगभग 4.59 लाख उम्मीदवारों से संबंधित डेटा लीक हुआ है। उन्होंने निजी एजेंसियों को दिए गए सरकारी ठेकों और परीक्षा संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए हैं।
इससे यह बहस तेज हुई है कि परीक्षा आयोजित करने वाली निजी एजेंसियों की जवाबदेही क्या है और विद्यार्थियों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन जिम्मेदार है।
इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि और जांच आवश्यक है।
महाराष्ट्र सरकार ने पहले ही गठित की है SIT
इस विवाद के बीच यह महत्वपूर्ण है कि महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर 2026 में MHT-CET इंजीनियरिंग प्रवेश में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिकायतों की जांच और संबंधित परीक्षा केंद्रों के फॉरेंसिक ऑडिट की बात कही थी।
सरकार का यह कदम उन शिकायतों के बाद आया था, जिनमें कुछ विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा के अंकों और MHT-CET के पर्सेंटाइल के बीच असामान्य अंतर होने का दावा किया गया था।
इससे पहले जुलाई 2026 में भी CET सेल ने परीक्षा केंद्रों में कथित हेरफेर और पैसे के बदले बेहतर पर्सेंटाइल दिलाने से जुड़े वायरल ऑडियो-वीडियो के संबंध में पुलिस और साइबर सेल से शिकायत की थी।
6 नवंबर को CET सेल ने फिर की पुलिस से शिकायत
6 नवंबर 2026 को महाराष्ट्र राज्य CET सेल ने कथित परीक्षा अनियमितताओं से संबंधित एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलने के बाद मुंबई के आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्डिंग में परीक्षा केंद्रों को प्रभावित करने और उम्मीदवारों के अंक बढ़वाने के दावे किए गए थे।
CET सेल ने पुलिस से पूरे मामले की जांच करने और रिकॉर्डिंग में किए गए दावों की सत्यता पता लगाने का अनुरोध किया है।
CET सेल ने वायरल सामग्री को लेकर एक टास्क फोर्स भी गठित की है। CET आयुक्त दिलीप सरदेसाई के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित वीडियो और सबूत विभाग को सौंपे जाने चाहिए, ताकि उनकी सत्यता की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि कथित अंकों में हेरफेर के मामले की जांच के लिए SIT पहले से गठित है और विभाग जांच में सहयोग कर रहा है।
VBA ने भाजपा महायुति सरकार पर उठाए सवाल
वंचित बहुजन आघाड़ी ने अपने बयान में कहा है कि महाराष्ट्र में पिछले कुछ समय से TET, MPSC, औषध निरीक्षक भर्ती और अब MHT-CET जैसी परीक्षाओं को लेकर लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं।
पार्टी ने भाजपा महायुति सरकार की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण मिल रहा है।
VBA का कहना है कि यदि परीक्षा केंद्रों, कॉलेजों, निजी एजेंसियों और सरकारी विभागों में बैठे लोगों की मिलीभगत से विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हालांकि, सरकार द्वारा किसी कथित आरोपी को संरक्षण दिए जाने का आरोप अभी प्रमाणित नहीं हुआ है।
मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट का सवाल
MHT-CET में शामिल होने वाले अधिकांश विद्यार्थी मध्यमवर्गीय और सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके परिवार बच्चों की शिक्षा के लिए वर्षों तक बचत करते हैं और कोचिंग, किताबों तथा परीक्षा की तैयारी पर बड़ी रकम खर्च करते हैं।
ऐसे में यदि पैसे के दम पर परीक्षा में बेहतर अंक या प्रतिष्ठित कॉलेज में प्रवेश दिलाने का कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है, तो यह केवल परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा में समान अवसर और सामाजिक न्याय से जुड़ा गंभीर विषय है।
एक विद्यार्थी की मेहनत, प्रतिभा और योग्यता ही उसके प्रवेश का आधार होनी चाहिए। किसी भी तरह की अनियमितता से योग्य विद्यार्थियों के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
सरकार और जांच एजेंसियों के सामने VBA के प्रमुख सवाल
- क्या MHT-CET में पैसे के बदले अंक बढ़ाने और परीक्षा केंद्र मैनेज करने का नेटवर्क सक्रिय है?
- ₹25 लाख तक की कथित मांग के पीछे कौन लोग हैं और उनका किन एजेंसियों या परीक्षा केंद्रों से संबंध है?
- क्या परीक्षा संचालन करने वाली निजी एजेंसियों और संबंधित सरकारी अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी?
- 4.59 लाख विद्यार्थियों के कथित डेटा लीक के मामले में क्या कार्रवाई की गई है?
- स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए वीडियो और ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कब पूरी होगी?
- क्या SIT जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी?
VBA की मांग – दोषियों की जांच हो और कठोर कार्रवाई की जाए
वंचित बहुजन आघाड़ी ने मांग की है कि स्टिंग ऑपरेशन करने वाले शिक्षकों द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी सबूतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
पार्टी ने कहा है कि कथित अनियमितताओं में शामिल परीक्षा केंद्रों, निजी एजेंसियों, कॉलेजों, सरकारी अधिकारियों और परीक्षा संचालन से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या महाराष्ट्र की परीक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों की मेहनत और योग्यता को प्राथमिकता मिलेगी या पैसे के दम पर भविष्य तय करने वालों पर लगाम लगाई जाएगी?
महाराष्ट्र सरकार को इस मामले में पारदर्शी जांच, समयबद्ध कार्रवाई और विद्यार्थियों के भरोसे को बहाल करने के लिए स्पष्ट जवाब देना होगा।