आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने जयपुर पहुंचकर राजस्थान सरकार और पूरे न्यायिक-प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि डांगावास में पांच दलितों की हत्या के मामले में 11 साल बाद भी पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला और अब सभी 40 आरोपी बरी हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पांच दलितों की हत्या हुई थी, लेकिन कोई दोषी नहीं है, तो आखिर उनकी हत्या किसने की?

“यह सिर्फ 5 दलितों का मामला नहीं, पूरे सिस्टम पर सवाल है”
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यह केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की जवाबदेही का सवाल है। उनका कहना है कि यदि जातीय हिंसा के मामलों में अपराध सिद्ध होने के बावजूद दोषियों तक कानून नहीं पहुंच पाता, तो यह पीड़ित समुदायों के भीतर न्याय व्यवस्था को लेकर गहरी निराशा पैदा करता है।
उन्होंने राजस्थान सरकार से मामले में उच्च न्यायालय में प्रभावी कानूनी कदम उठाने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। जयपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जांच और सबूत जुटाने में इतनी गंभीर कमियां क्यों रहीं।

जयपुर में सरकारी स्कूल देखने गई CJP टीम पर हमला
चंद्रशेखर आजाद ने जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची CJP टीम के साथ हुई हिंसा की घटना पर भी नाराजगी जताई। CJP की टीम अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी। टीम ने आरोप लगाया कि उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। पार्टी ने हमले के पीछे राजनीतिक लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया है। मामले में अलग-अलग पक्षों के आरोप सामने आए हैं और विवाद जारी है।
शिक्षा और दलित न्याय पर आंदोलन का ऐलान
चंद्रशेखर आजाद ने साफ संकेत दिए कि उनकी लड़ाई केवल डांगावास हत्याकांड तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने दलित न्याय, जातीय हिंसा और सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कही।
उनके जयपुर दौरे ने राजस्थान सरकार के सामने दो बड़े सवाल खड़े किए हैं—