मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों से पिछले बैठकों में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करने और संगठन की कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में चुनाव की घोषणा से पहले संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए।
लखनऊ, 3 सितंबर 2026। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित पार्टी की ऑल इंडिया बैठक में संगठन, आगामी चुनावी रणनीति और देश के मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। बैठक के बाद जारी पार्टी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, BSP ने अब देशभर में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है।
मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों से पिछले बैठकों में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करने और संगठन की कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में चुनाव की घोषणा से पहले संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए।
‘शोषित वर्ग को शासक वर्ग बनाना मिशन का लक्ष्य’
मायावती ने कहा कि BSP का मूल उद्देश्य बहुजन समाज के हित, कल्याण और आत्म-सम्मान की रक्षा करना है। उन्होंने पार्टी के संस्थापक कांशीराम के संघर्ष और त्याग का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके लिए भी ‘शोषित वर्ग को शासक वर्ग’ बनाने का मिशन सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सत्ता में होना जरूरी है।
उन्होंने दावा किया कि कांशीराम ने अपना पूरा जीवन बहुजन समाज को जागरूक करने और राजनीतिक रूप से संगठित करने में लगाया तथा उन्हें भी इसी मिशन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी।
आकाश आनंद पर मायावती का बयान
पार्टी की प्रेस विज्ञप्ति में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की अनुमति दी गई है, लेकिन उन्हें अभी और अधिक परिपक्व और राजनीतिक रूप से अनुभवी होने की जरूरत है।
मायावती के मुताबिक, फिलहाल आकाश आनंद को पार्टी की कोई बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा। उन्होंने इसके पीछे चुनावी परिस्थितियों और विरोधियों द्वारा संभावित राजनीतिक हथकंडों का भी हवाला दिया।
RSS और मोहन भागवत पर निशाना
बैठक में मायावती ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान कही गई बातों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जातिवाद, सामाजिक असमानता, आरक्षण, महिलाओं तथा मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर RSS की कथनी और करनी में बड़ा अंतर दिखाई देता है।
मायावती ने कहा कि RSS को डॉ. भीमराव आंबेडकर के मानवतावादी और समतामूलक संविधान में पूरी आस्था और निष्ठा रखते हुए उस पर ईमानदारी से अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान के उद्देश्यों के अनुरूप गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा को दूर करना देशहित में जरूरी है।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मायावती ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक उन्होंने कांग्रेस को ‘दलित और आंबेडकर विरोधी’ पार्टी बताया और कहा कि उसका इतिहास इस मामले में किसी से छिपा नहीं है।
उन्होंने कहा कि BSP अपनी अंबेडकरवादी पहचान के साथ जातिवादी और जनविरोधी राजनीति के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
कांशीराम की पुण्यतिथि पर देशभर में कार्यक्रम
बैठक में कांशीराम की आगामी 9 अक्टूबर को पुण्यतिथि को लेकर भी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। मायावती ने उत्तर प्रदेश में प्रदेश स्तर पर और अन्य राज्यों में जोन स्तर पर खुली संगोष्ठियां आयोजित करने के निर्देश दिए।
दिल्ली में BSP कार्यकर्ताओं द्वारा नई दिल्ली स्थित बहुजन समाज प्रेरणा स्थल पर कांशीराम को श्रद्धांजलि देने की बात कही गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं को इस वर्ष लखनऊ में स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
महंगाई, युद्ध और Gen-Z की समस्याओं पर चिंता
मायावती ने दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे युद्ध और बदलते वैश्विक सुरक्षा हालात को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति मजबूत होनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने देश में बढ़ती महंगाई, प्राकृतिक आपदाओं और Gen-Z तथा Gen-Alpha की समस्याओं को भी गंभीरता से लेने की जरूरत बताई। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की अपील की।
बैठक में संगठन को मजबूत करने, जनाधार बढ़ाने और आगामी चुनावों की तैयारियों को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया। BSP के मुताबिक, पार्टी अब अपने संगठनात्मक विस्तार और चुनावी रणनीति को लेकर देशभर में स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ेगी।