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SIR विवाद के बीच खड़गे का बड़ा हमला: ‘देश में हो रहे चुनाव अवैध, मोदी-शाह भी अवैध पद पर’

by Admin
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नई दिल्ली/कलबुर्गी। चुनावी वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मौजूदा चुनावी व्यवस्था को लेकर बेहद तीखा बयान दिया है।

खड़गे ने आरोप लगाया कि देश में अवैध चुनाव हो रहे हैं और इन चुनावों के आधार पर बनी सरकारों की वैधता पर सवाल उठता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘अवैध प्रधानमंत्री’ और अमित शाह को ‘अवैध गृह मंत्री’ बताते हुए मौजूदा सरकारों को भंग करने तथा बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराने की मांग की।

खड़गे ने SIR को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि SIR के जरिए देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और मतदाता सूची में बदलाव के जरिए लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ रहा है।

‘सरकारें भंग कर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं’

खड़गे ने मांग की कि जिन सरकारों के चुनावों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उन्हें भंग किया जाए और बैलेट पेपर के जरिए नए सिरे से चुनाव कराए जाएं। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। आयोग ने देश के कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया शुरू की है।

SIR पर कानूनी और राजनीतिक विवाद

SIR को लेकर विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर कानूनी स्तर तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के कामकाज और SIR को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की सहमति बनी है। याचिका में आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और SIR की वैधानिकता को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

वहीं, पूर्व न्यायाधीशों के एक पैनल द्वारा भी SIR के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों और प्रक्रिया की वैधानिकता से जुड़े सवालों की जांच किए जाने की खबर सामने आई है।

चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण

हालांकि, SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के बीच चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष यह है कि मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करना चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग का घोषित उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल रखना और अपात्र नामों को हटाना है। इसलिए खड़गे द्वारा चुनावों और सरकारों को ‘अवैध’ बताना उनका राजनीतिक आरोप और मांग है, स्थापित कानूनी निष्कर्ष नहीं।

SIR को लेकर जारी विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर और तेज हो सकता है।

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