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IAS तुकराम मुंढे इंपैक्ट,! महाराष्ट्र मंत्रालय की कैंटीन होगी हाईटेक

by Admin
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महाराष्ट्र के एफडीए कमिश्नर तुकराम मुंढे के एक्शन की चर्चा पूरे देश में हो रही है। एफडीए की रेड का आलम यह है कि मुंबई के स्कूलों, होटलों, क्लबों और ब्रांडेड फर्म पर असर साफ दिखने लगा है। इस सब के बीच महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रालय की कैंटीन को हाईटेक करने का फैसला लिया है। सरकार तीन करोड़ रुपये खर्च करेगी।

मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने मंत्रालय की कैंटीन और किचन को अपग्रेड और आधुनिक बनाने का फैसला किया है। इसके लिए 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को मंजूरी दी गई है। इसका मकसद कैंटीन में उपलब्ध होने वाले खाने की सुरक्षा, साफ-सफाई और कर्मचारियों की सुरक्षा को पुख्ता करना है। शासनादेश में कहा गया है कि इस फंड का इस्तेमाल मुख्य कैंटीन किचन में हॉट एयर एग्जॉस्ट सिस्टम के नवीनीकरण और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन के नवीनीकरण के लिए किया जाएगा। यह काम करते समय फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड (FSSAI) और फायर डिपार्टमेंट के नियमों का पालन किया जाएगा।

मंत्री ने कैंटीन को लेकर की थी समीक्षा
मार्च 2026 में मंत्री जयकुमार रावल ने कैंटीन से जुड़े कई मुद्दों पर समीक्षा बैठक की थी। तब कैंटीन को आधुनिक बनाने और खाने की गुणवत्ता सुधारने का सुझाव दिया गया था। पिछले महीने बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंत्रालय की कैंटीन को बेहतर रेटिंग देने के लिए एफडीए को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने मंत्रालय की कैंटीन को एफडीए की 98 प्रतिशत रेटिंग को हास्यास्पद बताते हुए खारिज कर दिया और जगह का दोबारा निरीक्षण करने के लिए चार वकीलों की एक टीम भेजी थी।

कैंटीन की किचन में होंगे बड़े बदलाव
अधिकारियों के मुताबिक मंत्रालय की कैंटीन के किचन में एक एग्जॉस्ट सिस्टम लगाया गया है, लेकिन बाहर की हवा अंदर लाने या हवा को ठंडा करने का कोई सिस्टम नहीं है। किचन में खाने की सुरक्षा, साफ-सफाई और कर्मचारियों की सुरक्षा जरूरी है। इसके लिए किचन को आधुनिक बनाने की ज़रूरत है। टूरिज्म विभाग के प्रमुख डॉ. प्रशांत विरखारे को टेक्निकल एडवाइजर नियुक्त किया गया था। उन्होंने जून में अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में स्ट्रक्चरल मरम्मत, फर्श और दीवारों पर टाइल्स लगाने, वॉटरप्रूफिंग, साफ-सफाई और धोने लायक सतहें बनाने की सलाह दी गई है। किचन में लगे उपकरणों को स्टेनलेस स्टील, मॉड्यूलर और एनर्जी-एफिशिएंट उपकरणों से अपडेट करने की बात कही गई है।

हाईकोर्ट ने मंत्रालय कैंटीन का किया था जिक्र
तुकाराम मुंढे की एफडीए ने मंत्रालय कैंटीन की जांच की थी। एफडीए ने बॉम्बे हाईकोर्ट की कैंटीनों पर भी रेड की थी। तब बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंत्रालय कैंटीन का हवाला देकर पूछा था कि वहां जांच जल्दी क्यों पूरी हो गई। यह मामला काफी चर्चा में आया था। तुकाराम मुंढे 2005 के सिंघम ऑफिसर हैं। बीड से आने वाले तुकाराम 21 साल में 25 ट्रांसफर झेल चुके हैं। उनकी पहचान कड़क ईमानदार अफसर की है।

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