Awaaz India Tv

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या बोले पीयूष गोयल

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या बोले पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन चीजों के बारे में बताया जिन पर अमेरिका में कोई टैरिफ नहीं लगेगा। इसमें चाय, मसाले आदि शामिल हैं।


नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के स्ट्रक्चर को अंतिम रूप दे दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस पर साइन भी कर दिए हैं। इसके बाद शनिवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस डील की प्रमुख बातों को बताया। इस डील के बाद भारत के सामानों पर अमेरिका एक्सपोर्ट करने पर अधिकतम 18 फीसदी ही टैरिफ लगेगा। वहीं ट्रेड डील के तहत कई चीजों को टैरिफ से मुक्त भी रखा है।

इन चीजों पर नहीं लगेगा कोई टैरिफ
पीयूष गोयल ने किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखते हुए कहा कि इस समझौते से भारतीय कृषि उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के प्रवेश मिलेगा। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इससे देश के किसानों को कोई नुकसान न हो।

उन्होंने बताया कि चाय, मसाले, कॉफी, नारियल तेल, कोपरा, और वनस्पति मोम जैसे उत्पादों पर अमेरिका में कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा। इसके अलावा, केले, आम, अमरूद, एवोकाडो, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम, जड़ वाली सब्जियां, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद, तिल, खसखस और खट्टे फलों के रस जैसे कई फल, सब्जियां और कृषि उत्पाद भी बिना किसी शुल्क के अमेरिकी बाजार में पहुंचेंगे।

किसानों के हितों पर क्या बोले गोयल?
गोयल ने दोहराया कि सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है जिससे किसानों के हितों को ठेस पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह भारत-अमेरिका समझौता भारत के किसानों, MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और हैंडिक्राफ्ट सेक्टर के हितों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाता है।’

दवा निर्यात पर जीरो टैरिफ
गोयल ने बताया कि भारत से करीब 13 अरब डॉलर के दवा निर्यात पर भी अमेरिका में शून्य-शुल्क लगेगा।
रत्न और आभूषण (gems and jewellery) निर्यात को भी शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, साथ ही कई अन्य उच्च-मूल्य वाले उत्पाद भी इसमें शामिल हैं।

स्मार्टफोन पर भी होंगे टैरिफ फ्री
भविष्य की ओर देखते हुए, गोयल ने कहा कि भारत से निर्यात होने वाले स्मार्टफोन पर भी भविष्य में शून्य-शुल्क लगेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कई अन्य भारतीय निर्यात पर भी लगने वाले शुल्क को कम करके शून्य कर दिया जाएगा।

भारत की किन चीजों को मिली सुरक्षा?
फ्रोजन सब्जियां जैसे आलू, मटर, खीरा और गुरकिन। इसके अलावा बीन्स, अन्य फलियां (छिलके वाली या बिना छिलके वाली), अस्थायी रूप से संरक्षित सब्जियां जैसे खीरा और मशरूम (एगरिकस प्रजाति) और मिश्रित डिब्बाबंद सब्जियां। इन सब का आयात नहीं हो सकेगा।
डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध (तरल, पाउडर, कैंडीड आदि), पनीर (मोज़ेरेला, ब्लू वेन्ड, कसा हुआ/पाउडर आदि), क्रीम, मक्खन तेल, दही, पनीर और अन्य उत्पाद, छाछ, मट्ठा उत्पाद आदि, मक्खन और घी।

अनाज में रागी, गेहूं, कोपरा, समाक, मक्का, बाजरा, चावल, जौ, जई, ज्वार, महीन आटा, और आटा (गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा आदि)।
मसालों में काली मिर्च, लंबी, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी (छाल, फूल आदि), धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, कैसिया, सरसों, राई, भूसी और अन्य पिसे हुए मसाले।

अमेरिका को क्या मिलेगा?
अमेरिका की तरफ से भी कुछ जानकारी सामने आई है। व्हाइट हाउस ने बताया कि भारत अमेरिका से आने वाली औद्योगिक वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स को खत्म करेगा या कम करेगा। इसके अलावा, अमेरिका से आने वाले कई तरह के खाद्य और कृषि उत्पादों पर भी टैक्स कम होगा। इनमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), पशु आहार के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्प्रिट जैसे उत्पाद शामिल हैं।

रूसी तेल खरीद पर दी चेतावनी
एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में कहा गया है कि एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क समाप्त कर दिया जाएगा। वॉइट हाउस ने कहा कि अमेरिका भारत की निगरानी जारी रखेगा, खास तौर पर रूसी तेल के आयात के संबंध में। अगर भारत सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी संघ के तेल का आयात फिर से शुरू करता है, तो प्रशासन अतिरिक्त टैरिफ को फिर से लगाने पर विचार कर सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *