दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही से एक बाइक सवार युवक कमल की खुले गड्ढे में गिरकर मौत हो गई। नोएडा में हुई ऐसी ही घटना के बाद डीजेबी ने सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा था, लेकिन जनकपुरी में न बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड। परिवार ने डीजेबी और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई तथा सीसीटीवी फुटेज जारी करने की मांग की है।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह मौत नहीं बल्कि हत्या है और इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। नेता प्रतिपक्ष का कहना था कि सरकार की लापरवाही की वजह से एक घर का चिराग बुझ गया।
नई दिल्ली। नोएडा में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी से भरे गड्ढे में गिरकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद Delhi Jal Board (DJB) के कर्मचारियों ने कोई सबक नहीं लिया है।
जल बोर्ड के सीईओ ने नोएडा हादसे के बाद 24 जनवरी 2026 को सभी निर्माण स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश जारी किया था। बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर टेप, ग्रीन नेट, साइन बोर्ड, लेन मार्कर और पर्याप्त पब्लिक सेफ्टी प्रोटोकॉल अनिवार्य किए गए थे। बावजूद इसके, राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में इन्हीं आदेशों की अनदेखी एक और जान ले गई।
आदेश तो थे लेकिन पालन ही नहीं किया
जनकपुरी में DJB के निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर खोदे गए गहरे गड्ढे में बाइक सवार युवक की गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान कैलाशपुरी निवासी कमल के रूप में हुई है। परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे वाली जगह पर न तो बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड और न ही स्ट्रीट लाइट जल रही थी, जो DJB के लिखित निर्देशों का सीधा उल्लंघन है।
रात भर की तलाश, सुबह आया पुलिस का फोन
जानकारी के मुताबिक, कमल रोहिणी स्थित अपने दफ्तर से काम खत्म कर बृहस्पतिवार की रात घर लौट रहा था। वह रास्ते में लगातार फोन के जरिए परिजनों के संपर्क में था, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचा। अनहोनी की आशंका में परिवार रात भर सड़कों पर उसे तलाशता रहा। सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस के एक फोन कॉल से परिवार को हादसे की सूचना मिली कि कमल अपनी बाइक के साथ निर्माणाधीन गड्ढे में गिरा मिला है।

परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे में शामिल बाइक कमल ने अपने जन्मदिन पर तीन साल पहले अपने पैसों से खरीदी थी, ताकि किसी तरह की बीमा/स्वामित्व संबंधी शंकाएं न रहें।
DJB के आदेशों में जवाबदेही तय, फिर भी ढिलाई
DJB के 24 जनवरी के निर्देशों में साफ लिखा है कि किसी भी साइट पर सुरक्षा मानकों की कमी पाए जाने पर संबंधित JE/AE को तुरंत जिम्मेदार ठहराया जाएगा और EE की जवाबदेही भी तय होगी।
साथ ही सभी CE/SE को साइट की उसी दिन जांच कर फोटो के साथ अनुपालन रिपोर्ट देने और औचक निरीक्षण करने को कहा गया था। बावजूद इसके, जनकपुरी की साइट पर न बुनियादी सुरक्षा दिखी, न चेतावनी संकेत।
एक और मौत पर प्रशासन से सवाल
स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि अगर DJB के अपने ही आदेशों का सख्ती से पालन करता तो कमल आज जिंदा होता। अब सवाल यह है कि जब नोएडा जैसी घटना के बाद स्पष्ट निर्देश जारी हो चुके थे, तो उनका पालन क्यों नहीं हुआ, और जिम्मेदारों पर कब कार्रवाई होगी?
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। परिजनों की मांग है कि DJB और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और CCTV फुटेज सार्वजनिक की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और आगे ऐसी लापरवाही से किसी और की जान न जाए।
ये हादसा नहीं हत्या… राहुल गांधी ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
दिल्ली के जनकपुरी में गढ्ढे में गिरने से युवक की मौत को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह मौत नहीं बल्कि हत्या है और इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। नेता प्रतिपक्ष का कहना था कि सरकार की लापरवाही की वजह से एक घर का चिराग बुझ गया। उन्होंने सरकार पर जवाबदेही नहीं होने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने इंदौर के जहरीले पानी से हुई मौतें, नोएडा में इंजीनियर की मौत के साथ ही देश में गिरते पुल से लेकर दमघोंटू प्रदूषण का भी जिक्र किया।
‘यह हादसा नहीं हत्या’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट में लिखा, हिंदुस्तान में फैली लालच और लापरवाही की महामारी आज फिर एक युवा की जान ले गई। एक बेटा, एक सपना, माँ-बाप की पूरी दुनिया – सब कुछ एक झटके में उजाड़ दिया गया। यह हादसा नहीं, हत्या है – और हत्यारी है जवाबदेही से भागती सत्ता। उन्होंने कहा कि असली का तिल सड़क नहीं, गैरजिम्मेदार सत्ता है।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि क्योंकि यहां न इस्तीफ़ा होता है, न सज़ा मिलती है, न किसी की अंतरात्मा जागती है। राहुल ने इंदौर का जहरीला पानी, नोएडा में युवराज की जान लेने वाली सड़क, गिरते पुल, टकराती ट्रेनें, दम घोंटता प्रदूषण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी की भी कोई जवाबदेही नहीं है। राहुल का कहना था कि जब तक जवाबदेही नहीं होगी, तब तक कोई न कोई लालच की महामारी का अगला शिकार बनता रहेगा।


