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‘घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज के खिलाफ अब मायावती ने की आवाज बुलंद

‘घूसखोर पंडत’  वेब सीरीज के खिलाफ अब मायावती ने की आवाज बुलंद

घूसखोर पंडत वेब सीरीज के खिलाफ अब मायावती ने आवाज बुलंद की है. उन्होंने इसे ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए केंद्र सरकार से फिल्म को बैन करने की मांग की है. मायावती ने कहा कि पंडित को घुसपैठिया बताकर पूरे देश में इनका अनादर किया जा रहा है, जिससे ब्राह्मण समाज में रोष है. बसपा इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है.

लखनऊ. एक्टर मनोज बाजपेयी की आगामी वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसे ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए फिल्म को तुरंत बैन करने की मांग उठाई है. इससे पहले वे UGC बिल के खिलाफ भी सवर्ण समाज के समर्थन में खड़ी दिखाई दी थीं. उन्होंने कहा कि बसपा इस फिल्म के खिलाफ ब्राह्मण समाज के साथ खड़ी है.

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “यह बड़े दुख व चिंता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यूपी में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडित’ को घुसपैठिया बताकर पूरे देश में इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है. जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है. ऐसी जातिसूचक फिल्म पर केन्द्र सरकार को तुरंत प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बीएसपी की यह मांग है.”

ब्राह्मणों को साधने की कोशिश
गौरतलब है कि इससे पहले भी मायावती ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश कर चुकी है. मायावती ने कहा था कि ब्राह्मण समाज के साथ अन्याय हो रहा है. उन्होंने कहा था कि अगर ब्राह्मण समाज बसपा की सरकार बनता है तो उसे पूरा सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया जाएगा. 2007 में जब बसपा की सरकार बनी थी तो ब्राह्मण समाज को सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया गया था. अब एक बार फिर मायावती ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म और जेएनयू में ब्राह्मणों के खिलाफ लगे नारों के बहाने ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश कर रही हैं.

गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर घूसखोर पंडत के डायरेक्टर और निर्माता टीम के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में FIR दर्ज की गई है. एफआईआर में जातिगत अपमान और सामाजिक शांति भंग करने के प्रयास का आरोप लगाया गया है. उधर अयोध्या के साधु-संतों ने भी इस फिल्म का पुरजोर विरोध किया है.

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