भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से जिस ट्रेड डील का इंतजार था, 2 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उसकी घोषणा कर दी।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ (जैसे को तैसा) को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। ट्रम्प ने सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रेड डील की घोषणा की।
कांग्रेस ने अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर लिखा- वॉशिंगटन में मोगैम्बो खुश है। ऐसा लग रहा है कि PM मोदी ने आखिरकार हार मान ली है।
उन्होंने लिखा कि भारत को अपनी ही सरकार की कार्रवाइयों की जानकारी ट्रम्प या उनके नियुक्त प्रतिनिधियों से मिलती है। अब यह रूटीन बनता जा रहा है। कांग्रेस के X पोस्ट में लिखा गया कि सीजफायर (ऑपरेशन सिंदूर) की तरह ट्रेड डील की घोषणा भी ट्रम्प की ओर से की गई। बताया गया ‘मोदी की रिक्वेस्ट’ पर ट्रेड डील की जा रही है।
कांग्रेस ने लिखा कि यह भी बताया गया कि मोदी रूस से तेल नहीं खरीदेंगे, अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेंगे। क्या ट्रेड डील में मोदी सरकार रूस का साथ छोड़ने पर राजी हुई है। अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने की बात भी कही गई, अगर ऐसा है तो ‘मेक इन इंडिया’ का क्या हुआ।
दरअसल, ट्रम्प ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना अब बंद कर देगा।

ट्रम्प बोले- भारत हमसे 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा
ट्रम्प ने सोशल मीडिया ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए PM मोदी के साथ फोन पर बातचीत और भारत के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी। उन्होंने लिखा- भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी।
हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें व्यापार और रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करना भी शामिल था। प्रधानमंत्री मोदी ने सहमति जताई कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेंगे और अमेरिका से कहीं ज्यादा तेल खरीदेगा। इसके अलावा वेनेजुएला से तेल खरीदने की संभावना पर भी बात हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बाय अमेरिकन’ को लेकर भी बड़ी प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत भारत हमसे 500 अरब डॉलर से ज्यादा के ऊर्जा, तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते आगे और भी मजबूत होंगे।
PM मोदी ने भी ट्रम्प को शुक्रिया कहा
ट्रम्प के पोस्ट के बाद PM मोदी ने भी X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- मुझे राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करके बहुत खुशी हुई। यह जानकर बेहद संतोष है कि अब मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। इस शानदार फैसले के लिए मैं भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रम्प का दिल से धन्यवाद करता हूं।
राजनीति में कहा जाता है कि कभी-कभी आपका प्रतिद्वंद्वी ही आपकी सबसे बड़ी मदद कर देता है. भारत के केस में डोनाल्ड ट्रंप ने यही भूमिका निभाई. जब ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी और उसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया, तो पूरी दुनिया को लगा कि भारत का निर्यात बाजार डूब जाएगा. लेकिन इसी डर ने यूरोपीय संघ (EU) को भारत के करीब ला दिया. यूरोप को डर था कि अगर अमेरिका ने भारत के लिए दरवाजे बंद किए, तो भारत पूरी तरह से एशियाई बाजारों या अन्य विकल्पों की ओर मुड़ जाएगा. चीन से पहले ही यूरोप चिढ़ा हुआ है. ऐसे में, भारत को अपने पाले में रखने के लिए EU ने वर्षों से लटके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को तेजी से फाइनल किया.
फिर ट्रंप का यू-टर्न
जैसे ही भारत और यूरोप की डील पक्की हुई, अमेरिका को लगा कि वह भारत जैसा बड़ा बाजार और रणनीतिक साझेदार खो सकता है. नतीजा ट्रंप ने ट्रुथ प्रशासन ऐलान कर दिया कि टैरिफ 50% नहीं, बल्कि अब सिर्फ 18% होगा. इसे कहते हैं ‘सांप भी मर गया और लाठी भी नहीं टूटी’.


