सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी ने अपना काम शुरू कर दिया है और नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर जांच में जुट गई है। एसआईटी से पांच दिन में जांच रिपोर्ट तलब की गई है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी ने अपना काम शुरू कर दिया है और नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर जांच में जुट गई है। एसआईटी से पांच दिन में जांच रिपोर्ट तलब की गई है।
मॉल के बेसमेंट के लिए नोएडा में खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में डूबकर युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत पर बढ़ते आक्रोश के बीच राज्य सरकार ने नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लोकेश एम को हटा दिया। इस घटना की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए मुख्यमंत्री के आदेश पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी ने अपना काम शुरू कर दिया है और नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर जांच में जुट गई है। करीब 2 घंटे नोएडा प्राधिकरण दफ्तर में रहने के बाद, एसआईटी घटनास्थल के लिए रवाना हुई। एसआईटी से पांच दिन में जांच रिपोर्ट तलब की गई है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है।
एडीजी जोन मेरठ करेंगे एसआईटी का नेतृत्व
एसआईटी का नेतृत्व एडीजी जोन मेरठ करेंगे। उनके साथ मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के चीफ इंजीनियर को भी टीम में शामिल किया गया है। जांच टीम को हादसे के कारणों, संबंधित विभागों की भूमिका, लापरवाही की जिम्मेदारी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों की विस्तृत पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
सेक्टर-150 क्षेत्र में भारी जलभराव के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार पानी से भरे गड्ढे/अंडरपास में फंस गई थी, जिससे कार समेत व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, विकास प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
ये जांच भी करेगी एसआईटी
एसआईटी क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था, सड़क निर्माण की गुणवत्ता, चेतावनी संकेतों की मौजूदगी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की भी जांच करेगी।
युवराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में सड़क हादसे के बाद दलदल में डूबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि युवराज की मृत्यु का कारण दम घुटना बताया गया है। पोस्टमार्टम के अनुसार उनके फेफड़ों में करीब साढ़े तीन लीटर पानी भरा हुआ पाया गया, जिससे यह साबित होता है कि वह काफी देर तक पानी में डूबे रहे।
फेफड़ों में पानी भरा, हार्ट फेलियर भी हुआ
डॉक्टरों की रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक पानी में रहने से उनके फेफड़ों में भारी मात्रा में पानी चला गया, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई और दम घुटने की स्थिति पैदा हुई। इसी दौरान शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने से हार्ट फेलियर भी हुआ, जो मौत का तत्काल कारण बना।


