ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन सत्ता के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं. खामेनेई विरोध को विदेशी साजिश करार दे रहे हैं, वहीं अमेरिका ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलने पर जवाब दिया जाएगा. अब तक 544 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों गिरफ्तारियों के दावे सामने आए हैं. भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ख़िलाफ़ सड़कों पर उबाल जारी है. दिसंबर 28 को शुरू हुआ जनआंदोलन अब देश के शहर-शहर फैल चुका है. इस दौरान हिंसा भी हुई है. राइट्स ग्रुप का दावा है कि अब तक 544 लोगों की मौत हुई, जिसमें प्रोटेस्टर्स और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. 10 हज़ार से ज्यादा लोगों को डिटेन किया गया.
अमेरिका की ओर से भी ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार खुली चेतावनी दे दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलती है तो वो कड़ा जवाब दिया जाएगा. हालांकि, अमेरिका की ओर से लगातार आ रही धमकियों के बीच खामेनेई ने देश में चल रहे आंदोलन के पीछे अमेरिका और इज़रायल की साजिश बताया है. साथ ही पलटवार करने की भी धमकी दी है.
इस बीच, निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से सड़कों पर डटे रहने की अपील की है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नज़र बनाए हुए हैं. भारत ने भी अपने नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और दूतावास से संपर्क में रहने की सलाह दी है.
ईरान संकट पर चीन का साफ संदेश, संप्रभुता से कोई समझौता नहीं
अमेरिका की ओर से ईरान में संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी पर चीन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग का विरोध किया और सभी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा पर जोर दिया.ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों पर चीन ने प्रतिक्रिया दी है. चीन के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि ईरान की सरकार और जनता मिलकर देश में स्थिरता बनाए रखेंगे और मौजूदा मुश्किलों से बाहर निकलेंगे.


