झारखंड जमीन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है। इस निर्देश से झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ ED वाले केस की सुनवाई पर रोक लगा दी है।
रांची: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सुनवाई पर रोक लगा दी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने सोरेन की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया। याचिका में सोरेन ने मामले को रद्द करने का अनुरोध किया था।
सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी ED को चुनौती
शीर्ष अदालत के समक्ष अपनी याचिका में सोरेन ने ईडी द्वारा उन्हें बार बार समन जारी किए जाने को भी चुनौती दी थी। सोरेन ने अपनी याचिका में झारखंड उच्च न्यायालय के हालिया फैसले को चुनौती दी है जिसमें उनके खिलाफ मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।
ईडी द्वारा दायर एक मामले में एक विशेष सांसद-विधायक अदालत द्वारा सोरेन के खिलाफ संज्ञान लिया था। शीर्ष अदालत ने 15 जनवरी को इसे रद्द करने से इनकार कर दिया जिससे झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता को झटका लगा। जमीन घोटाले में कथित संलिप्तता से जुड़े मामले में जारी समन के बावजूद ईडी के समक्ष पेश नहीं होने के कारण जांच एजेंसी ने सोरेन के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी।
क्या है झारखंड जमीन घोटाला
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर ED का आरोप है कि उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल कर जमीन के प्लॉट्स कब्जाए। इसी को लेकर हेमंत सोरेन को गिरफ्तारी से पहले ईडी ने पूछताछ के लिए कई बार समन भेजे थे। इसके बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। फिर हेमंत सोरेन को 149 दिन तक जेल में रहना पड़ा था। ईडी ती चार्जशीट के अनुसार हड़पी गई जमीन सेना और आदिवासियों की थी। फर्जी दस्तावेजों के दम पर सेना की जमीन बेचने के मामले में रांची नगर निगम ने FIR दर्ज कराई थी।


