केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंदर कुमार ने इस अवसर पर स्थानीय मेट्रो स्टेशन का नाम बुद्धभूमि महाविहार रखने की मांग को स्वीकार किया उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में वह शीघ्र ही रेल मंत्रालय से आवश्यक करवाई करेंगे. डॉ. वीरेंदर कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार बौद्ध विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है.
कामठी, नागपुर : महान बौद्ध विद्वान भदन्त आनंद कौसल्यायन के १२१ वे जन्मोत्सव के अवसर पर बौद्ध प्रशिक्षण संस्थान बुद्धा भूमि महाविहार खैरी में नवनिर्मित महाचैत्य स्तूप तथा २८ बुद्ध प्रतिमाओं का लोकार्पण समारोह उत्साह और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ.
समारोह का उट्घाटन केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंदर कुमार ने किया. इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय मेट्रो स्टेशन का नाम बुद्धभूमि महाविहार रखने की मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि इस संदर्भ में वह शीघ्र ही रेल मंत्रालय से आवश्यक करवाई करेंगे. डॉ. वीरेंदर कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार बौद्ध विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा कि थाईलैंड ,वियतनाम ,और मंगोलिया जैसे देशों में भगवान बुद्धा के पवित्र अवशेषों के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भीड़ बौद्ध विचारधारा की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती है. डॉ. आनंद कौसल्यायन द्वारा डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के ग्रन्थ बुद्ध और उनका धम्म का हिंदी अनुवाद सामाजिक क्रंति की मजबूत नींव साबित हुआ ,ऐसा उन्होंने उल्लेख किया.


महाबोधि महाविहार मुक्ति का संकल्प
पूर्व राज्यमंत्री सुलेखा कुम्भारे ने बौद्ध प्रशिक्षण संसथान के लिए १०० करोड़ रुपये का व्यापक विकास प्रारूप तैयार करने का आव्हान किया.उन्होंने कहा कि डॉ. आनंद कौसल्यान द्वारा रोपा गया यह छोटा सा पौधा आज वटवृक्ष बन चूका है. और इसे सहेजने के लिए समाज को धममदान करना चाहिए. वही पूर्व मंत्री डॉ. नितिन राऊत ने महाविहार के भविष्य के विकास के लिए पर्याप्त निधि की आवश्यकता पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री से विशेष आर्थिक सहयोग की मांग की . उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सर्कार से बड़ी निधि उपलब्ध होती है तो बुद्ध भूमि महाविहार का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकास संभव है.


कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्ता मेत्ता संघ के अध्यक्ष भदन्त संघरत्न मानके ने की. प्रमुख अतिथियों में संसद श्यामकुमार बर्वे, विधायक संजय मेश्राम,पूर्व नगराध्यक्ष माया चवरे,भदन्त प. सिवली थेरो ,नेपाल के भदन्त मैत्री महाथेरो,श्रीलंका के भदन्त यश ,आवाज़ इंडिया टीवी के निदेशक अमन कांबले ,श्रीलंकाई फिल्म के निदेशक रोडनी वितांपतिराना ,बुद्धा भूमि महाविहार संसथान के अध्यक्ष भदन्त शिवणी बोधानन्द थेरो तथा सचिव भदन्त प्रज्ञाज्योति थेरो शामिल थे। संचालन भदन्त नाग दीपांकर ने किया। सफलतार्थ काशीनाथ मेश्राम,विमल आले ,उज्वल ऊके ,सहित भिक्षु संघ और उपासक -उपासिकाओं ने योगदान दिया.


