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राहुल गांधी पर संजय राउत की दो टूक, बोले- ‘ऐसा व्यक्ति कभी असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता’

by Admin
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नई दिल्ली: लोकसभा और राज्यसभा से एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पारित होने के बाद देश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए जाने के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का खुलकर बचाव किया और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।

पेपर लीक पर सरकार को घेरा

संजय राउत ने कहा कि केंद्र सरकार पेपर लीक को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि देश में सबसे अधिक पेपर लीक की घटनाएं भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के पीछे सक्रिय माफिया के तार भाजपा से जुड़े लोगों तक पहुंचते हैं।

राउत ने कहा,

“प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि पेपर लीक पर कार्रवाई होगी, लेकिन पहले उन्हें यह देखना चाहिए कि पेपर लीक माफिया आखिर किसके संरक्षण में काम कर रहा है। महाराष्ट्र में जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उनकी कड़ियां कहां तक जाती हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।”

उन्होंने दावा किया कि कई कथित पेपर माफिया नेताओं को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंचों पर देखा गया है। साथ ही आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में कई कोचिंग संस्थानों का संबंध भाजपा समर्थकों से है।

RSS पर भी लगाए आरोप

संजय राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पेपर तैयार करने वाले कई लोग संघ की विचारधारा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा,

“पेपर सेट करने वाले आरएसएस के लोग हैं, इसलिए प्रश्नपत्र नीचे तक पहुंच जाते हैं। यदि सरकार वास्तव में पेपर लीक रोकना चाहती है तो उसे पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।”

हालांकि, राउत के इन आरोपों पर भाजपा या आरएसएस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

राहुल गांधी के समर्थन में उतरे संजय राउत

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी एक संस्कारी, शिक्षित और गंभीर नेता हैं।

उन्होंने कहा,

“राहुल गांधी संस्कारी नेता हैं। वे पढ़े-लिखे हैं, लगातार अध्ययन करते हैं और सोच-समझकर बोलते हैं। ऐसा व्यक्ति कभी असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकता।”

राउत ने आगे कहा कि राहुल गांधी को यह संस्कार अपने परिवार से मिले हैं।

“पंडित जवाहरलाल नेहरू विद्वान थे। इंदिरा गांधी पढ़ी-लिखी थीं। राजीव गांधी भी शिक्षित थे। राहुल गांधी में भी वही संस्कार आए हैं। कई लोगों को शब्दों का सही अर्थ तक नहीं मालूम। आरएसएस को भी इस विषय पर एक चिंतन शिविर आयोजित करना चाहिए।”

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, संसद के मानसून सत्र के दौरान लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तथा सदन के नियमों का उल्लंघन किया।

अनुराग ठाकुर ने दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने 30 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा।

तीन पन्नों के इस नोटिस में अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ गंभीर, निराधार और अपमानजनक आरोप लगाए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मामले की विस्तृत जांच कराने और इसे विशेषाधिकार समिति को भेजने की मांग की।

बिना शर्त माफी की भी मांग

नोटिस में अनुरोध किया गया है कि राहुल गांधी को सदन और गृह मंत्री अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया जाए। अनुराग ठाकुर का कहना है कि राहुल गांधी ने 29 जुलाई की कार्यवाही के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों से कथित बातचीत का उल्लेख करते समय लोकसभा के नियम 352 का उल्लंघन किया।

संसद से सड़क तक जारी सियासी टकराव

एंटी पेपर लीक कानून को लेकर सरकार इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि कानून बनाने से पहले सरकार को पेपर लीक के पीछे सक्रिय नेटवर्क और कथित राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर लगातार राजनीतिक घमासान जारी है।

राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस और उनके समर्थन में संजय राउत के बयान ने इस विवाद को और अधिक राजनीतिक बना दिया है। अब सबकी नजर लोकसभा अध्यक्ष के अगले फैसले और विशेषाधिकार समिति की संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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