यदि कोई व्यक्ति ईसाई न हो तो वह पोप नहीं बन सकता, मुसलमान न हो तो पैगंबर नहीं बन सकता. हर हिंदू शंकराचार्य नहीं बन सकता, लेकिन हर मनुष्य बुद्ध …
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“मन “ ” मन शत्रु भी है और मन मित्र भी है | मन कमजोर भी है और मन बलवान भी है | मन से मन …
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कोरोना का संकट काफ़ी गहराया है ! समूचे देश समेत नागपुर में इसकी तीव्रता और भी ज़्यादा है ! ऐसे इस समय मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च समेत कई संस्थान मदत के …
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आचार्य बुद्ध घोष। वे बौद्ध धर्म के महान विद्वान थे। श्रीपुर में एक शिलालेख मिला है जिसमें उनका नाम है सिरपुर में उनका वास्तव्य की पुस्टि करता है , आचार्य …
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डेढ़ हज़ार वर्ष पूर्व भारत में देवालयों या तीर्थक्षेत्रों की बनिस्बत शिक्षा संस्कृति को ही अधिक महत्व दिया जाता रहा है। इसलिए विक्रमशिला विश्वविद्यालय (मगध-बिहार ) नालंदा विश्वविद्यालय (बिहार), तक्षशिला …
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तथागत बुद्ध ने अपने अग्र उपासक गृहपति अनाथपिडिक को उपदेश देते हुए कहा कि -इन चारों प्रिय , मनोरम , सुखद अभिलाषाओं की पूर्ति के चार धम्म साधन हैं, जिनसे …
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ऐसा मैंने सुना है। एक समय तथागत बुद्ध सावत्थि में अनाथपिण्डिक के जेतवन आराम में विहार करते थे। तब धम्मिक उपासक पांच सौ उपासकों के साथ जहां थे, वहां गया। …
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लोकधम्म के आठ प्रकार लाभ और हानि, यश और अपयश, निंदा और स्तुति, सुख और दुःख
by awaaztv_nwp0 viewsलोक धम्म माने संसार का द्वंद भरा स्वभाव। संसार में बसंत भी आता है, पतझड़ भी आता है। हरियाली भी होती है, सुखा भी होता है। चढ़ाव भी आता है, …
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आपने सुना होगा कि पुरुष की सफलता के पीछे स्त्री का हाथ होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सावित्री बाई फूले की सफलता और समाजसेवा के पीछे महात्मा …
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आखिर भारत में क्यों नहीं होता जातीय भेद और ब्राह्मणवादी वर्चस्व के खिलाफ अमेरिका जैसा प्रतिरोध?
by awaaztv_nwp0 viewsअमेरिका की तस्वीरें अखबारों और सोशल मीडिया पर पूरी दुनिया ने देखी हैं। निजी तौर पर अमेरिका और उसका कथित जनतंत्र अपन जैसे लोगों की कभी पसंद नहीं रहे। पर …