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15 अगस्त पर विजय का जनता के नाम संदेश: जाति-धर्म और धनबल को नकारने के लिए तमिलनाडु की जनता को सलाम, बोले- भ्रष्टाचार पर होगी जीरो टॉलरेंस

by Admin
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चेन्नई: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को तमिलनाडु की जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य की जनता को धन्यवाद दिया और अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। विजय ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों ने जाति और धर्म के विचारों से ऊपर उठकर, धनबल और बाहुबल की राजनीति को नकारते हुए उनकी सरकार को व्यापक समर्थन दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह तमिलनाडु की जनता को सलाम करते हैं, जिन्होंने सामाजिक न्याय और जनकेंद्रित शासन के पक्ष में अपना विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें शासन का केंद्र आम जनता हो और हर वर्ग को समान अवसर मिले।

15 अगस्त पर विजय ने जनता को किया संबोधित

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में विजय ने कहा कि राज्य की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से जाति, धर्म, पैसे और ताकत की राजनीति को पीछे छोड़ने का संदेश दिया है। उन्होंने जनता के इस समर्थन को सामाजिक न्याय और जनहित आधारित सरकार की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण बताया।

विजय ने कहा कि उनकी सरकार ‘मिशन मोड’ में भ्रष्टाचार-मुक्त शासन स्थापित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने सरकारी अधिकारियों और आम जनता दोनों से भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की अपील की।

‘भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार की नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रशासन में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और जनता से ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने की अपील की।

विजय ने कहा कि केवल सरकार के प्रयासों से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा। इसके लिए प्रशासन और जनता दोनों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने राज्य के लोगों से भ्रष्टाचार को सामान्य मानकर स्वीकार नहीं करने और इसके खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।

‘जनता-केंद्रित और सामाजिक न्याय वाली सरकार’

विजय ने अपने संबोधन में अपनी सरकार को जनता-केंद्रित और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध सरकार बताया। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा करना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के विकास के साथ-साथ सामाजिक समानता और न्याय को भी प्राथमिकता देगी।

जाति-धर्म से ऊपर उठने का संदेश

विजय के भाषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जाति और धर्म की राजनीति को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने चुनाव में जाति और धर्म के आधार पर होने वाले राजनीतिक ध्रुवीकरण को पीछे छोड़कर जनहित और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी।

उन्होंने कहा कि धनबल और बाहुबल लोकतंत्र की ताकत नहीं हो सकते। लोकतंत्र की असली ताकत जनता का विश्वास है।

अब चुनौती वादों को जमीन पर उतारने की

15 अगस्त के मौके पर मुख्यमंत्री विजय का यह संबोधन ऐसे समय में आया है, जब उनकी सरकार के सामने अपने चुनावी और प्रशासनिक वादों को जमीन पर उतारने की बड़ी चुनौती है।

भ्रष्टाचार-मुक्त शासन, सामाजिक न्याय, पारदर्शी प्रशासन और जनता-केंद्रित नीतियों को लेकर सरकार ने जो लक्ष्य सामने रखा है, अब उसकी असली परीक्षा उनके क्रियान्वयन में होगी।

15 अगस्त के अपने संदेश में विजय ने साफ संकेत दिया कि उनकी सरकार के लिए आने वाले समय में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई, सामाजिक न्याय और जनता के हित में शासन सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।

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