तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की ज़रूरत है, लेकिन विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को इतनी सीटें नहीं मिली हैं. हालांकि, तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
क़ानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है, इसलिए तब तक नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. विजय के नेतृत्व वाली पार्टी टीवीके के बहुमत हासिल करने की संभावना है, क्योंकि उनके पास 108 सीटें हैं और बहुमत से महज 10 कम हैं.
कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके को समर्थन देने पर सहमति जताई है. एआईसीसी के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर की ओर से बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “हमारा समर्थन इस शर्त पर होगा कि टीवीके इस गठबंधन से उन सांप्रदायिक ताक़तों को दूर रखे जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं करतीं.”
कुछ पार्टियां टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के लिए तैयार हैं. हालांकि, संबंधित दलों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
क़ानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरकार बनाने के लिए विधायकों की ज़रूरी संख्या नहीं जुटा पाते हैं, तो ऐसी स्थिति में विजय मुख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं और उन्हें 15 दिनों के भीतर विधानसभा में विश्वासमत हासिल करना पड़ सकता है.
सरकार बनाने की राह क्या है ?
सुप्रीम कोर्ट के वकील कृष्णमूर्ति का कहना है कि तमिलनाडु में 10 मई तक नई सरकार का गठन करना अनिवार्य है. कृष्णमूर्ति ने कहा, “तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. तब तक नई सरकार बननी चाहिए. इसके लिए बहुमत साबित करने के लिए ज़रूरी विधायकों के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपने होंगे.”