, पटना: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना के रजिस्ट्रार और भौतिकी (Physics) के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. अवनेंद्र कुमार ठाकुर (Awalendra Kumar Thakur) के एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बिहार की राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में विवाद गहरा गया है। इस मामले में प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता आदित्य पासवान ने पटना के गर्दनीबाग स्थित अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST) थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब प्रोफेसर ठाकुर के लिंक्डइन और फेसबुक प्रोफाइल से आरक्षण और दलित समाज को लेकर एक अत्यंत आपत्तिजनक पोस्ट वायरल हुई। कथित पोस्ट में लिखा गया था, “काबिल मत बनो, दलित बनो; कामयाबी झक मारकर तुम्हारे पीछे आएगी।” इसके साथ ही देश की मौजूदा आरक्षण नीतियों की आलोचना करते हुए इसे केवल ‘वोट बैंक’ की राजनीति बताया गया था।
इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिकायतकर्ता आदित्य पासवान ने कहा कि जिम्मेदार और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा इस तरह की टिप्पणियां पूरे समाज में एक गलत और खतरनाक संदेश देती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह लड़ाई किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि इस अपमानजनक और नफरत फैलाने वाली मानसिकता के खिलाफ है। पासवान ने कहा, “हमारा समाज पहले से ही जातिगत भेदभाव की चुनौतियों से जूझ रहा है। न्याय का पैमाना सबके लिए एक समान होना चाहिए—चाहे कोई सवर्ण हो या दलित, गैर-जिम्मेदाराना बयान देने वाले हर व्यक्ति पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।”
दूसरी तरफ, रजिस्ट्रार प्रो. अवनेंद्र कुमार ठाकुर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट पूरी तरह फर्जी, मनगढ़ंत और डॉक्टर्ड (छेड़छाड़ किए गए) हैं। प्रोफेसर ठाकुर ने दावा किया कि उनकी सामाजिक और शैक्षणिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सिंथेटिक मीडिया टूल्स का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि वे इस दुष्प्रचार और साजिश के खिलाफ खुद पुलिस में एफआईआर दर्ज करा रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईआईटी पटना के निदेशक अमित पात्रा और फैकल्टी एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्यों ने एक आपात बैठक बुलाई है। संस्थान के प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले में आंतरिक जांच कर रहे हैं और साइबर सेल की रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच और सोशल मीडिया हैंडल्स के तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।