मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) से एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने और बाद में मोतिहारी में उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में सोनू कुमार सिंह नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से पूर्वी चंपारण के केसरिया का रहने वाला है और मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था।
मामले की शुरुआत 20 सितंबर को हुई, जब नाबालिग के परिजनों ने SKMCH पुलिस चौकी में उसके अस्पताल से लापता होने की शिकायत दी। पुलिस ने अस्पताल परिसर के CCTV फुटेज और तकनीकी व अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपी तक पहुंचने का दावा किया।
बीमार पिता के इलाज के दौरान अस्पताल में थी नाबालिग
रिपोर्टों के अनुसार, नाबालिग अपने बीमार पिता के इलाज के लिए SKMCH में मौजूद थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई।
आरोप है कि युवक ने नाबालिग को अपने परिचित अथवा रिश्तेदारों से मिलने की बात कहकर अस्पताल परिसर से बाहर आने के लिए राजी किया। कुछ रिपोर्टों में उसे पैसे का लालच दिए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर उसे मुजफ्फरपुर से मोतिहारी के छतौनी इलाके में स्थित अपने किराए के कमरे पर ले गया।
वहां नाबालिग के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। मामले की जांच पुलिस कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के दौरान होने वाले साक्ष्यों से होगी।
अस्पताल लौटकर नाबालिग ने परिजनों को बताई घटना
पुलिस के मुताबिक, नाबालिग बाद में वापस अस्पताल पहुंची और अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक युवक को नाबालिग के साथ अस्पताल परिसर से बाहर जाते हुए देखा गया। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान और उसके संभावित ठिकाने की तलाश शुरू की।
CCTV और तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के संबंध में जानकारी मिली। उसकी पहचान सोनू कुमार सिंह के रूप में की गई, जो पूर्वी चंपारण के केसरिया का निवासी बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, वह मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने नाबालिग को चिकित्सीय जांच के लिए भी भेजा है। मामले से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।
पुलिस ने क्या कहा?
मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुसार, 20 सितंबर को नाबालिग के परिजनों ने SKMCH ओपी में उसके लापता होने की शिकायत दी थी। इसके बाद CCTV फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की अपील
घटना के बाद पुलिस ने अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
पुलिस ने अभिभावकों से कहा है कि बच्चों को अनजान लोगों के साथ कहीं जाने से बचने के लिए समझाया जाए और अस्पताल जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उनकी निगरानी रखी जाए।
हालांकि, बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल परिवारों तक सीमित नहीं हो सकती। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और प्रवेश-निकास की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है।
अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
इस मामले में पुलिस की जांच कई बिंदुओं पर आगे बढ़ेगी। मसलन, आरोपी और नाबालिग की मुलाकात कैसे हुई, अस्पताल परिसर से बाहर ले जाने की पूरी परिस्थितियां क्या थीं, CCTV में क्या-क्या रिकॉर्ड हुआ और मोतिहारी में घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य क्या हैं।
नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया POCSO कानून के तहत भी महत्वपूर्ण होती है। पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है, इसलिए उससे जुड़ी पहचान संबंधी कोई जानकारी सामने नहीं लाई जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।