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अंकित कुमार मामले पर आकाश आनंद आक्रामक; रैपिडो पर सवाल, मोहन भागवत को भी घेरा

by Admin
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लखनऊ के रैपिडो कैब ड्राइवर अंकित कुमार के वायरल वीडियो ने देश भर में जातिवाद को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इस पूरे घटनाक्रम में अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय मुख्य समन्वयक और मायावती के भतीजे आकाश आनंद रैपिडो पर भड़क गए हैं। आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखते हुए एक तरफ रैपिडो कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत से दलितों को लेकर सवाल पूछा है। लंबे समय बाद आकाश आनंद ने किसी मामले पर इस तरह से पोस्ट लिखी है। जिस दलित युवक अंकित का मामला अभी तक किसी राजनीतिक दल ने नहीं उठाया उसे आकाश आनंद का साथ मिल गया है।

क्या है अंकित का मामला
आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर सबसे पहले अंकित के साथ हुई घटना के बारे में बताया है। कहा कि अंकित कुमार ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन देश में योग्यता के अनुसार रोजगार न मिलने के कारण वह मजबूरी में रैपिडो कैब चलाकर अपने परिवार का पेट पाल रहा था। उसकी कैब में चार रेलवे कर्मचारी सवार हुए, जो गाड़ी में बैठकर अपने ही एक वरिष्ठ दलित अफसर के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणियां करने लगे। अंकित ने इस तरह पूरे दलित समाज तो अपशब्द कहने का विरोध किया। उन लोगों को अपनी गाड़ी से उतार दिया। यह भी कहा कि अगर किसी की काबिलियत पर सवाल है तो उसका नाम लो, पूरी जाति को क्यों बदनाम कर रहे हो?

इस घटना के बाद कंपनी ने अंकित का पक्ष सुनने के बजाय उसका रैपिडो अकाउंट 99 साल और 11 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया। इससे उसकी रोजी-रोटी का जरिया पूरी तरह छिन गया। आकाश आनंद ने कहा कि रैपिडो जैसी कंपनियां उसी संकीर्ण मानसिकता से ग्रसित हैं, जिसे खत्म करने के लिए बहुजन समाज दशकों से संघर्ष कर रहा है।

मोहन भागवत पर सीधा हमला
आकाश आनंद ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए कहा कि आरक्षण खत्म करने पर अपनी राय रखने वाले RSS प्रमुख मोहन भागवत जी को अंकित जैसे करोड़ों दलितों के सवालों का जवाब देना चाहिए। आजादी के 80 साल बाद भी जातिवाद की यही मानसिकता समाज में जड़ें जमाए बैठी हैं, जिसे उखाड़ फेंकने के लिए आरक्षण बेहद जरूरी है। आरक्षण केवल आर्थिक सशक्तिकरण का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की रीढ़ है।

संविधान और आरक्षण से खिलवाड़ बंद होना चाहिए
आकाश आनंद ने बसपा सुप्रीमो मायावती के रुख को दोहराते हुए कहा कि उनका स्पष्ट संदेश है कि संविधान शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का पूरी निष्ठा से सम्मान किया जाए। उन्होंने ताकीद की कि आरक्षण जैसे संवेदनशील और न्यायसंगत मुद्दे पर किसी भी तरह की राजनीति बंद होनी चाहिए और समाज को अपनी जातिवादी मानसिकता को बदलना चाहिए।

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