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जिस स्कूल को दुनिया ने सराहा, उसे बंद करने पर क्यों तुला लद्दाख प्रशासन? सोनम वांगचुक ने उठाए सवाल

by Admin
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‘स्कूल बंद करो और शराब बार खोलो’ — लद्दाख प्रशासन के फैसले पर उठाए सवाल, HIAL के समर्थन में रखीं संस्थान की उपलब्धियां

लेह। लद्दाख में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) से जुड़े डेजर्ट फ्लावर स्कूल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्कूल की गतिविधियां रोकने संबंधी प्रशासनिक नोटिस के बाद शिक्षाविद् एवं जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए हैं।

सोनम वांगचुक ने अपने आधिकारिक X अकाउंट (@Wangchuk66) पर एक पोस्ट साझा कर ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी दी थी। उन्होंने 4 नवंबर को शाम 5:15 बजे ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की घोषणा की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए HIAL और स्कूल से जुड़े मामले पर अपना पक्ष रखने की बात कही गई थी।

वांगचुक ने अपनी पोस्ट में एलजी प्रशासन के स्कूल संबंधी आदेश को ‘शाही फरमान’ बताते हुए तंज कसा— ‘स्कूल बंद करो और शराब बार खोलो।’ उन्होंने मीडिया संस्थानों से अपील की कि जिस तरह एलजी प्रशासन की प्रेस कॉन्फ्रेंस को प्रमुखता से दिखाया गया, उसी तरह उनका पक्ष भी निष्पक्षता के साथ प्रसारित किया जाए।

HIAL की उपलब्धियों का दिया हवाला
वांगचुक ने कहा कि इंटरनेट और समाचार माध्यमों में उनके स्कूल को लेकर कई तरह की खबरें और चर्चाएं चल रही हैं। उन्होंने HIAL की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत की संसदीय शिक्षा समिति ने संस्थान के मॉडल को देशभर में दोहराने की सिफारिश की थी।

उन्होंने यह भी कहा कि लंदन के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में HIAL के कार्यों को स्थायी प्रदर्शनी में जगह मिली है। वहीं, टाइम मैगजीन ने संस्थान के प्रोजेक्ट्स को TIME 100 Climate Solutions में शामिल किया था।

वांगचुक ने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल करने वाले संस्थान और उसकी शैक्षणिक पहल को बंद करने की नौबत क्यों आ रही है?

डेजर्ट फ्लावर स्कूल को लेकर क्या है विवाद?
लद्दाख प्रशासन ने 1 नवंबर को लेह के तहसीलदार कार्यालय के माध्यम से HIAL की सह-संस्थापक एवं सीईओ गीतांजलि जे. आंगमो को नोटिस जारी किया था। इसमें स्कूल में आवश्यक अनुमति और मंजूरी के बिना कक्षाएं एवं अन्य गतिविधियां शुरू करने पर आपत्ति जताई गई थी। साथ ही, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में लंबित मामले का हवाला देते हुए आगे की गतिविधियां रोकने को कहा गया था।

वांगचुक और गीतांजलि आंगमो ने प्रशासन के इस कदम पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि स्कूल की मंजूरी और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर प्रशासन से लगातार संवाद किया गया है।

HIAL के अनुसार, डेजर्ट फ्लावर स्कूल में 46 बच्चों ने किंडरगार्टन में प्रवेश लिया है। ऐसे में इस विवाद का असर छोटे बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ सकता है।

सोनम वांगचुक ने मीडिया से इस पूरे मामले में संस्थान का पक्ष भी प्रमुखता से सामने लाने की अपील की है।

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