Home » “मैं बाबा साहेब का बहुत बड़ा भक्त हूँ”: नागपुर दीक्षाभूमि पहुंचे दिग्गज अभिनेता रज़ा मुराद, स्मारक समिति ने किया स्वागत; भारतीय संविधान की जमकर की तारीफ

“मैं बाबा साहेब का बहुत बड़ा भक्त हूँ”: नागपुर दीक्षाभूमि पहुंचे दिग्गज अभिनेता रज़ा मुराद, स्मारक समिति ने किया स्वागत; भारतीय संविधान की जमकर की तारीफ

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नागपुर:भारतीय सिनेमा के दिग्गज और वरिष्ठ अभिनेता रज़ा मुराद ने नागपुर स्थित ऐतिहासिक और पवित्र बौद्ध तीर्थस्थल दीक्षाभूमि का दौरा किया. दीक्षाभूमि स्तूप के सामने खड़े होकर उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर को नमन किया और उनके प्रति अपनी गहरी आस्था व सम्मान प्रकट किया. रज़ा मुराद ने पवित्र परिसर से एक विशेष वीडियो संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने डॉ. आंबेडकर द्वारा देश को दिए गए महान संविधान की जमकर सराहना की और इसे पूरी दुनिया में अद्वितीय बताया.

अपने विशेष वक्तव्य में रज़ा मुराद ने दीक्षाभूमि के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वे डॉ. भीमराव आंबेडकर के बहुत बड़े भक्त हैं. उन्होंने कहा, “आदाब, नमस्कार, सत श्री अकाल. इस वक्त मैं नागपुर की पवित्र भूमि पर खड़ा हूँ और मेरे पीछे जो ऐतिहासिक इमारत है, वह पावन दीक्षाभूमि है, जहाँ 14 अक्टूबर 1956 को बाबा साहेब ने अपने पांच लाख समर्थकों के साथ धम्म दीक्षा ली थी.” आगे बात रखते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने देश को जो बेहतरीन संविधान दिया है, वैसा गौरवशाली और अधिकार संपन्न संविधान दुनिया के किसी भी मुल्क के पास नहीं है. उन्होंने देश के हर नागरिक को जाति, धर्म और लिंग से ऊपर उठकर समानता, बंधुत्व और अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देकर सिर उठाकर सम्मान से जीने का हक दिया है. रज़ा मुराद ने भावुक लहजे में कहा कि बाबा साहेब का इस देश और इसके वासियों पर जो महान उपकार है, उसे कभी चुकाया नहीं जा सकता, यही वजह है कि जब भी वे नागपुर आते हैं, यहाँ आकर उन्हें सलाम करना कभी नहीं भूलता और इस पवित्र स्थान पर उनका सिर अपने आप श्रद्धा से झुक जाता है.

दीक्षाभूमि स्मारक समिति और स्थानीय संगठनों की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ अभिनेता के इस औचक दौरे पर परमपूज्य डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति, दीक्षाभूमि के पदाधिकारियों और स्थानीय बौद्ध संगठनों ने प्रसन्नता व्यक्त की है. समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने रज़ा मुराद के प्रगतिशील और संवैधानिक विचारों का स्वागत करते हुए कहा कि जब मुख्यधारा के सिनेमा से जुड़ी बड़ी हस्तियां इस तरह सार्वजनिक मंचों से सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की बात करती हैं, तो इससे युवा पीढ़ी में एक सकारात्मक संदेश जाता है. स्थानीय नागरिकों और प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया पर उनके इस धर्मनिरपेक्ष और समतावादी दृष्टिकोण की सराहना की है. रज़ा मुराद के इस दौरे ने एक बार फिर दीक्षाभूमि की वैश्विक महत्ता को रेखांकित किया है, जहाँ देश-विदेशी की जानी-मानी हस्तियाँ बाबा साहेब के मानवतावादी विचारों को सम्मान देने के लिए लगातार पहुंचती हैं.

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