समिति का आरोप है कि कुछ लोग झूठे आरोप लगाकर बौद्ध समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि 20 फरवरी 2026 को जारी धर्मादाय उपायुक्त के आदेश में राजेश गवई का नाम सचिव के रूप में नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने नोटिस जारी कर बैठक बुलाने और संस्था में भ्रम एवं अव्यवस्था फैलाने का प्रयास किया।
नागपुर: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु भंते सुरई ससाई के कथित मानसिक उत्पीड़न और उनके खिलाफ गलत प्रचार करने के आरोप में स्मारक समिति के सदस्य राजेश गवई, विलास गजघाटे, प्रदीप आगलावे और भंते नागदीपकर के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की गई है। यह मांग दीक्षाभूमि दक्षता समिति की ओर से यह मांग की गई।
समिति के प्रतिनिधि किरण राऊत ने बताया कि इस संबंध में पुलिस आयुक्त को भी ज्ञापन दिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
समिति का आरोप है कि कुछ लोग झूठे आरोप लगाकर बौद्ध समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि 20 फरवरी 2026 को जारी धर्मादाय उपायुक्त के आदेश में राजेश गवई का नाम सचिव के रूप में नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने नोटिस जारी कर बैठक बुलाने और संस्था में भ्रम एवं अव्यवस्था फैलाने का प्रयास किया।

दीक्षाभूमि दक्षता समिति का यह भी आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों से भंते सुरई ससाई को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। समिति का कहना है कि धर्मादाय उपायुक्त के आदेश की अवहेलना, बौद्ध समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, भंते ससाई की छवि धूमिल करने तथा बिना अधिकार अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने जैसे मामलों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
इस संबंध में आयोजित पत्रकार परिषद में ताराचंद पक्खिड्डे , माला आम्बुलकर , सीमा दाभाड़े , कैथरीन बोदेले , धनराज टिपले , राजेंद्र बोमब्ले और रजनी तायडे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।