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जयपुर में AIAPGET परीक्षा के दौरान बिजली गुल, कंप्यूटर हुए बंद; अभ्यर्थियों का हंगामा, 3 छात्राएं बेहोश

by Admin
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जयपुर: देशभर के अभ्यर्थियों के लिए आयोजित AIAPGET 2026 परीक्षा के दौरान जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर कथित अव्यवस्था का मामला सामने आया है। जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सत्य साईं PG कॉलेज में परीक्षा शुरू होने के करीब 20-25 मिनट बाद बिजली चली गई। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पावर बैकअप की व्यवस्था भी नहीं थी।

बिजली गुल होने के बाद कंप्यूटर बंद हो गए और अभ्यर्थी काफी देर तक परीक्षा केंद्र में ही बैठे रहे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10:25 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा प्रभावित रही। निर्धारित समय पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों को केंद्र से बाहर जाने के लिए कहा गया, जिसके बाद वहां हंगामे की स्थिति बन गई।

परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद चली गई बिजली

AIAPGET 2026 की परीक्षा 22 अगस्त को आयोजित की गई। यह कंप्यूटर आधारित परीक्षा थी और सुबह की शिफ्ट का समय 10 बजे से 12 बजे तक बताया गया है।

जयपुर के सत्य साईं PG कॉलेज केंद्र पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा शुरू की ही थी कि करीब 20-25 मिनट बाद बिजली चली गई। इसके बाद कंप्यूटर सिस्टम बंद हो गए और परीक्षा प्रक्रिया रुक गई।

अभ्यर्थियों के अनुसार, समस्या को तत्काल दूर करने के लिए पर्याप्त वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। इससे परीक्षा केंद्र पर मौजूद छात्रों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

करीब डेढ़ घंटे तक परीक्षा नहीं हो सकी

अभ्यर्थियों के मुताबिक, सुबह लगभग 10:25 बजे से दोपहर 12 बजे तक कंप्यूटर बंद रहे। इस दौरान परीक्षा देने आए छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्र के अंदर ही बैठे रहे और बिजली आने का इंतजार करते रहे।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित थी, तो केंद्र पर बिजली जाने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं थी?

परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी या बिजली कटौती जैसी स्थिति से निपटने के लिए बैकअप व्यवस्था होना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसी परीक्षा में कुछ मिनटों की तकनीकी बाधा भी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।

समय पूरा होने पर छात्रों को बाहर निकाला गया

अभ्यर्थियों का कहना है कि दोपहर 12 बजे निर्धारित परीक्षा समय समाप्त होने के बाद उन्हें केंद्र से बाहर जाने के लिए कहा गया।

यहीं से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कई अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि जब परीक्षा केंद्र की तकनीकी समस्या के कारण वे निर्धारित समय में परीक्षा नहीं दे सके, तो इसका नुकसान उनकी मेहनत और भविष्य पर क्यों पड़े?

कई छात्रों ने परीक्षा दोबारा कराने या प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए उचित समाधान की मांग उठाई।

हंगामे के बीच 3 छात्राओं के बेहोश होने का दावा

मामले के दौरान परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई। अभ्यर्थियों के मुताबिक, तनाव और परेशानियों के बीच तीन छात्राएं बेहोश हो गईं।

घटना के बाद परीक्षा व्यवस्था और केंद्र की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, छात्राओं की स्वास्थ्य स्थिति और उन्हें किस प्रकार की चिकित्सा सहायता दी गई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।

सालों की तैयारी के बाद परीक्षा के दिन आई बाधा

AIAPGET देशभर में आयुष चिकित्सा पद्धतियों के पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा है। 2026 की परीक्षा में आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से जुड़े PG कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी शामिल हुए।

अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके लिए वे लंबे समय तक तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा के दिन केंद्र की बिजली व्यवस्था में खामी सामने आने से छात्रों के बीच नाराजगी स्वाभाविक है।

अब सबसे बड़ा सवाल: जिम्मेदारी किसकी?

इस घटना ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—

  • क्या परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पावर बैकअप उपलब्ध था?
  • बिजली जाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
  • परीक्षा बाधित होने के बावजूद अतिरिक्त समय क्यों नहीं दिया गया?
  • क्या प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा या किसी अन्य समाधान पर विचार किया जाएगा?
  • परीक्षा केंद्र की तकनीकी व्यवस्था की पहले से जांच क्यों नहीं हुई?
  • यदि गलती परीक्षा केंद्र या तकनीकी व्यवस्था की थी, तो उसका खामियाजा अभ्यर्थियों को क्यों भुगतना पड़े?

इन सवालों का जवाब अब परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी और संबंधित परीक्षा केंद्र की ओर से दिया जाना बाकी है।

अभ्यर्थियों की मांग—‘हमारी गलती नहीं, समाधान भी हमें ही चाहिए’

घटना के बाद अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान तकनीकी समस्या उनकी गलती नहीं थी। उन्होंने महीनों और वर्षों तक तैयारी की और परीक्षा देने के लिए केंद्र तक पहुंचे, लेकिन बिजली व्यवस्था में आई समस्या के कारण उन्हें परीक्षा पूरी करने का अवसर नहीं मिल सका।

छात्रों की मांग है कि पूरे मामले की जांच की जाए और प्रभावित अभ्यर्थियों के साथ न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए।

परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

AIAPGET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा होता है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर बिजली, कंप्यूटर, इंटरनेट, सर्वर और पावर बैकअप जैसी बुनियादी तकनीकी व्यवस्थाओं की विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण है।

जयपुर के इस केंद्र पर सामने आई घटना ने यही सवाल खड़ा किया है कि अगर परीक्षा केंद्र की व्यवस्था फेल होती है, तो उसकी कीमत मेहनत करने वाले अभ्यर्थी क्यों चुकाएं?

अब निगाहें परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर हैं। छात्रों को उम्मीद है कि मामले की जांच के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों के हित में जल्द फैसला लिया जाएगा।

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