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ऑटोमोटिव चौक से दीक्षाभूमि तक निकलेगी 110 थाई भिक्षुओं की भव्य धम्मयात्रा; बुद्ध का शांति और करुणा का संदेश लेकर नागपुर पहुंच रहा अंतरराष्ट्रीय दल

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यात्रा सुबह ठीक 11:00 बजे नागपुर के ऑटोमोटिव चौक से शुरू होगी और शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए ऐतिहासिक दीक्षाभूमि परिसर में पहुंचकर संपन्न होगी. थाईलैंड के 110 भिक्षुओं की सामूहिक सहभागिता के कारण इस धम्मयात्रा को एक वृहद अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्राप्त हो रहा है. इस यात्रा के माध्यम से भगवान बुद्ध द्वारा प्रतिपादित अहिंसा, समता, बंधुत्व और शांति के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे समाज में मानवतावादी विचारों का प्रसार हो सके.

नागपुर:तथागत भगवान गौतम बुद्ध के शांति, करुणा और मैत्री के विचारों का प्रसार करने के उद्देश्य से उपराजधानी नागपुर में ‘शांति संदेश धम्मयात्रा’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है. इस विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक उपक्रम में भाग लेने के लिए थाईलैंड से 110 बौद्ध भिक्षुओं (थाई भिक्खू) का एक अंतरराष्ट्रीय दल नागपुर पहुंच रहा है. इन पूजनीय भिक्षुओं की पावन उपस्थिति में शहर के विभिन्न हिस्सों में विविध धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे. इस पूरे वैश्विक आयोजन का मुख्य ध्येय वाक्य “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” घोषित किया गया है.

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का मुख्य आकर्षण 3 नवंबर को आयोजित होने वाली भव्य धम्मयात्रा होगी, जो ऐतिहासिक दीक्षाभूमि परिसर तक जाएगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह यात्रा सुबह ठीक 11:00 बजे नागपुर के ऑटोमोटिव चौक से शुरू होगी और शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए ऐतिहासिक दीक्षाभूमि परिसर में पहुंचकर संपन्न होगी. थाईलैंड के 110 भिक्षुओं की सामूहिक सहभागिता के कारण इस धम्मयात्रा को एक वृहद अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्राप्त हो रहा है. इस यात्रा के माध्यम से भगवान बुद्ध द्वारा प्रतिपादित अहिंसा, समता, बंधुत्व और शांति के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे समाज में मानवतावादी विचारों का प्रसार हो सके.

धम्मयात्रा के अगले दिन, यानी 4 नवंबर को सुबह 8:00 बजे से नागपुर के वासू चौक पर भिक्षु संघ के लिए एक विशेष ‘भोजनदान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. बौद्ध परंपरा में दानपारमिता (दान देने का गुण) को अत्यंत आदर्श और पवित्र माना जाता है, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस भव्य संघदान और आदरभाव व्यक्त करने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है, जहां नागरिक भिक्षु संघ को भोजन अर्पित करेंगे.

आयोजन समिति ने नागपुर और इसके आसपास के परिसरों में रहने वाले सभी धम्मबंधुओं, उपासकों, उपासिकाओं और आम नागरिकों से इस मंगलमय सोहले में बड़ी संख्या में सहभागी होने की भावुक अपील की है. आयोजकों का दृढ़ विश्वास है कि इस वैश्विक स्तर के उपक्रम से न केवल समाज में आपसी मैत्री और सद्भावना सुदृढ़ होगी, बल्कि नागपुर की ऐतिहासिक और पवित्र भूमि से देश-विदेश में मानवता और बंधुभाव का एक मजबूत संदेश प्रसारित होगा.

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