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भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ’ आंदोलन वैसा ही है जैसे KFC मुर्गियों को बचा रहा हो: सुजात आंबेडकर का तीखा तंज

by Admin
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नांदेड:
वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के युवा नेता सुजात आंबेडकर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हालिया राजनीतिक अभियानों पर बेहद तीखा और उपहासात्मक तंज कसा है। नांदेड में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान सुजात आंबेडकर ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ’ आंदोलन की तुलना प्रसिद्ध फास्ट-फूड चेन केएफसी (KFC) द्वारा मुर्गियों को बचाने के अभियान से कर डाली। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है और सोशल मीडिया पर भी यह टिप्पणी तेजी से वायरल हो रही है।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए सुजात आंबेडकर ने कहा कि आज देश में अगर लोकतंत्र को किसी से सबसे बड़ा खतरा है, तो वह खुद भारतीय जनता पार्टी की नीतियां हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा द्वारा लोकतंत्र बचाने की बात करना वैसा ही विरोधाभासी है, जैसे केएफसी कंपनी ‘चिकन बचाओ’ आंदोलन शुरू कर दे। सुजात ने जोर देकर कहा कि असलियत में देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को भाजपा के शासनकाल में ही सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है, इसलिए उनका यह आंदोलन महज एक राजनीतिक दिखावा है।

युवा नेता ने तंजिया लहजे में आगे कहा कि यदि भाजपा सचमुच देश में लोकतंत्र को सुरक्षित देखना चाहती है, तो उसे तत्काल सत्ता छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि उनके सत्ता से हटते ही देश की संवैधानिक संस्थाएं अपने आप स्वतंत्र और सुरक्षित हो जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज को दबाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। सुजात आंबेडकर ने साफ किया कि वंचित बहुजन आघाडी देश के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी वैचारिक लड़ाई जारी रखेगी।

गौरतलब है कि भाजपा ने विपक्ष के हमलों और संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने के लिए देशव्यापी स्तर पर अपनी बात रखने का अभियान शुरू किया है। भाजपा इस अभियान के जरिए विपक्षी दलों के नैरेटिव को काटने और जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसी राष्ट्रव्यापी आंदोलन पर तीखा पलटवार करते हुए वंचित बहुजन आघाडी के नेता ने इस अनोखे मुहावरे का इस्तेमाल कर सत्तापक्ष की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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