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आकाश आनंद को BSP में बड़ी जिम्मेदारी, अशोक सिद्धार्थ की वापसी पर मायावती का स्पष्ट संदेश; ईशान आनंद भी संभालेंगे संगठन का काम

by Admin
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लखनऊ/नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आकाश आनंद की राजनीतिक सक्रियता, आगामी जनसभाओं और पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद अब पार्टी और बहुजन आंदोलन के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके साथ ही मायावती ने अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी की अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी परिस्थिति में दोबारा BSP में शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं, आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद भी पार्टी के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में संगठनात्मक कार्यों में सहयोग करेंगे।

आकाश आनंद की सक्रियता पर मायावती ने जताया भरोसा

मायावती के अनुसार, अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद आकाश आनंद ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में अधिक सूझबूझ और परिपक्वता के साथ काम करना शुरू किया है। वे पार्टी और बहुजन आंदोलन के कार्यों को परिवार तथा रिश्ते-नातों से ऊपर रखकर अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में जुटे हैं।

मायावती ने कहा कि बहुजन समाज के लोगों को आकाश आनंद से काफी अपेक्षाएं हैं। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आकाश आनंद को सौंपी गई जिम्मेदारियों में पूरा सहयोग दें और उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को सफल बनाएं।

उत्तर प्रदेश में पांच जनसभाओं को संबोधित करेंगे आकाश आनंद

BSP की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, आकाश आनंद नवंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी संगठन को सक्रिय करने और बहुजन समाज के बीच अपनी राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

आकाश आनंद के प्रस्तावित कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

  • 28 अक्टूबर 2026: बुलंदशहर में जनसभा
  • 2 नवंबर 2026: सहारनपुर में जनसभा
  • 20 नवंबर 2026: अयोध्या में जनसभा
  • 22 नवंबर 2026: आगरा में जनसभा
  • 29 नवंबर 2026: कानपुर नगर में जनसभा

इसके अतिरिक्त, आकाश आनंद 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर पंजाब में BSP द्वारा आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और अपने विचार व्यक्त करेंगे।

वहीं, 6 दिसंबर 2026 को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में आयोजित विचार संगोष्ठी अथवा जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी की राजनीतिक और वैचारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना है।

अशोक सिद्धार्थ की वापसी की अटकलों पर मायावती का सख्त रुख

मायावती ने अशोक सिद्धार्थ की BSP में दोबारा वापसी को लेकर चल रही चर्चाओं और अफवाहों पर भी स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और अशोक सिद्धार्थ को किसी भी परिस्थिति में पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा।

मायावती के बयान में आकाश आनंद की वर्तमान सक्रियता और पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। उन्होंने पिछले घटनाक्रमों के संदर्भ में कहा कि आकाश आनंद की तुलना में अशोक सिद्धार्थ अधिक जिम्मेदार थे। इसी वजह से अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर किया गया और राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी गई।

मायावती ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर पार्टी के भीतर भ्रम फैलाने वाले तत्वों से सावधान रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और पार्टी के कार्यक्रमों को सफल बनाने में जुटें।

अब ईशान आनंद भी BSP के संगठनात्मक कार्यों में देंगे सहयोग

मायावती ने पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को लेकर एक और महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद, जो लंदन से वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, अब उनके दिशा-निर्देशन में BSP के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे।

ईशान आनंद दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में विशेष रूप से चुनाव से जुड़े कार्यों और अन्य कागजी प्रक्रियाओं में सहयोग करेंगे। उनके शामिल होने से पार्टी के कार्यालयीन और संगठनात्मक कार्यों में मदद मिलने की उम्मीद है।

BSP में संगठन को मजबूत करने की कोशिश

मायावती के इस बयान में तीन प्रमुख संदेश सामने आते हैं। पहला, आकाश आनंद को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर और समर्थन दिया जा रहा है। दूसरा, अशोक सिद्धार्थ की वापसी की अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की गई है। तीसरा, ईशान आनंद को संगठनात्मक और चुनाव संबंधी कार्यों में शामिल करने की घोषणा की गई है।

आगामी जनसभाओं और संविधान दिवस तथा महापरिनिर्वाण दिवस के कार्यक्रमों के जरिए BSP अपनी राजनीतिक और वैचारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। अब इन कार्यक्रमों की सफलता और पार्टी के संगठनात्मक विस्तार पर सभी की निगाहें रहेंगी।

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