ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर ईरानी मीडिया ने मुहर लगा दी है. इस खबर के बाद पश्चिम एशिया में हालात विस्फोटक हो गए हैं. इजरायल-अमेरिका के हमलों के बाद ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से जवाब दिया है, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल तनाव कम करने की अपील की है.
पश्चिम एशिया और खासकर खाड़ी इलाका इस समय दशकों के सबसे खतरनाक मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है. ईरान पर लगातार हो रहे अमेरिकी-इजराइली हमलों, क्षेत्रीय जवाबी कार्रवाइयों और अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने हालात को विस्फोटक बना दिया है. इसी बीच ईरान की ओर से इजराइल, खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें भी सामने आ रही हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र शांति की अपील कर रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि अयातुल्ला अली खामेनेई ‘मर चुके हैं’. उन्होंने इसे ईरान और अमेरिका दोनों के लिए ‘न्याय’ बताया और कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी-इजराइली खुफिया सहयोग का नतीजा है. ईरानी मीडिया ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है.इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी कुछ ऐसा ही दावा किया. हालांकि वे ट्रंप से ज्यादा सचेत दिखे. नेतन्याहू ने कहा कि ‘कई संकेत’ बताते हैं कि खामेनेई अब जीवित नहीं हैं.
उधर ईरान के पूर्व शाह के बेटे रज़ा पहलवी ने दावा किया कि खामेनेई की मौत के साथ ही ‘इस्लामिक रिपब्लिक का अंत शुरू हो गया है.’ उन्होंने सुरक्षा बलों से जनता के साथ खड़े होने की अपील की. तेहरान सहित कई ईरानी शहरों से ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग सड़कों पर उतरकर जश्न मनाते दिख रहे हैं. फार्स प्रांत के गल्लेह-दार में खामेनेई की कथित मूर्ति गिराए जाने और ‘लॉन्ग लिव द शाह’ के नारे लगाए जाने के दावे भी सामने आए हैं. इसी बीच ईरान ने जवाबी हमला तेज कर दी है. इजराइल, बहरीन और क़तर में एयर-रेड सायरन बजने की खबरें हैं. ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों की पुष्टि कई क्षेत्रीय स्रोत कर रहे हैं.
अबू धाबी के जायेद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन हमले की पुष्टि की गई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और सात लोगों के घायल होने की खबर है. दुबई के जेबेल अली पोर्ट पर भी आग लगने की सूचना है. क़तर के अल-उदीद एयर बेस पर तैनात पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी मिसाइलों को रोकने में जुटे हैं. सामने आए वीडियो में कई मिसाइल इंटरसेप्शन के साथ एक मिसफायर भी दिखा, जिसने हालात की गंभीरता को और उजागर किया.वहीं इजराइली वायुसेना ने पुष्टि की है कि उसने ईरान के भीतर बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम पर एक और बड़ा हमला किया है. सीरिया और इराक के ऊपर अमेरिकी-इजराइली फाइटर जेट्स की भारी मौजूदगी देखी गई है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने आपात बैठक में तत्काल संघर्षविराम और तनाव कम करने की अपील की. उन्होंने चेताया कि दुनिया ‘खाई के किनारे’ खड़ी है और जिम्मेदार फैसलों की जरूरत है.
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के मारे जाने पर भारत में प्रतिक्रिया
मौलाना कल्बे जवाद
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के मारे जाने पर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने कहा, “ये सदी के सबसे दुखद शब्दों में से हैं कि इतनी महान हस्ती, जिसने हमेशा दबे-कुचले लोगों के लिए आवाज़ उठाई, वो चला गया. वो कभी किसी से नहीं डरे, यहाँ तक कि सबसे बड़ी ताक़तों से भी नहीं.”
“सबसे बड़ी सुपरपावर ने भी उन्हें झुकाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कभी अपना सिर नहीं झुकाया. इसीलिए उन्हें दुश्मन की तरह देखते थे. वे चाहते थे कि यह आवाज़ दबा दी जाए और ख़त्म कर दी जाए, ताकि वे आज़ादी से ज़ुल्म कर सकें, लूट सकें और लोगों को ग़ुलाम बना सकें.”
ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली
इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्य ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली ने कहा, “ईरान एक आज़ाद देश है और जिस तरह से उस पर हमला हुआ, वह सभी अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के ख़िलाफ़ है. हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और इंटरनेशनल समुदाय से अपील करते हैं कि वे आगे आएं और इस जंग को रोकें.”


