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अजित पवार के क्रैश प्लेन पर रोहित पवार का बड़ा आरोप, कहा पायलट का इस्तेमाल कर……

अजित पवार के क्रैश प्लेन पर रोहित पवार का बड़ा आरोप, कहा पायलट का इस्तेमाल कर……

एनसीपी (SP) नेता रोहित पवार ने हालिया विमान हादसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. पवार ने दावा है कि बारामती प्लेन क्रैश एक सोची-समझी साजिश हो सकती है. फ्यूल टैंक पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा, ‘विमान का फ्यूल टैंक पूरा भरा हुआ था. फ्यूल टैंक पूरा भरने की जरूरत क्या थी? विंग्स में टैंक थे, वो भी भरे हुए थे.’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र के बारामती प्लेन क्रैश हादसे को साजिश करार देते हुए.कई गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां काम तो कर रही हैं, लेकिन गति इतनी धीमी है कि संदेह बढ़ रहा है. रोहित पवार ने केंद्र सरकार की जांच पर भी उंगली उठाई और डिजिटल सबूतों की मांग की. पवार ने आशंका जताई कि पायलट का इस्तेमाल कर इस घटना को अंजाम दिया गया होगा और अब कागजों में हेरफेर की की जा सकती है.

रोहित पवार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुछ दिन पहले हमने मुंबई और दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. पीसी के बाद जांच संस्थाएं काम कर रही हैं. हमें समाधान है, लेकिन जिस गति से कर रही हैं, उस पर हमारा सवाल है. अब नेता भी पत्र दे रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं.

फ्यूल टैंक पूरा भरने की क्या जरूरत थी?

फ्यूल टैंक पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा, ‘विमान का फ्यूल टैंक पूरा भरा हुआ था. फ्यूल टैंक पूरा भरने की जरूरत क्या थी? विंग्स में टैंक थे, वो भी.भरे हुए थे.’ उन्होंने संदेह जताया कि पायलट का इस्तेमाल कर इस घटना को अंजाम दिया गया होगा. विमान को जानबूझकर नीचे गिराया गया. रोहित ने ब्लैक बॉक्स के जलने की थ्योरी को भी चुनौती दी और कहा कि जानकारों के मुताबिक ब्लैक बॉक्स तभी खराब हो सकता है जब वह 1100 डिग्री सेल्सियस पर एक घंटे तक जले, जबकि वह पानी में एक महीने तक रह सकता है.

उन्होंने आगे कहा कि विमान के केबल, जिनका मेल्टिंग पॉइंट कम होता है, वो नहीं जले तो ब्लैक बॉक्स कैसे खराब हो गया. इससे संदेह और बढ़ता है.

प्लेन की कंडीशन पर उठाए सवाल

रोहित ने विमान की कंडीशन पर भी सवाल उठाते हुए कहा, ‘विमान की खराब स्थिति और विमान की इंश्योरेंस वैल्यू 55 करोड़ रुपये थी, जबकि उसकी कुल लायबिलिटी (देयता) 210 करोड़ रुपये थी. उन्होंने ने मांग की है कि इस मामले में केवल कागजी कार्यवाही पर भरोसा न कर डिजिटल सबूतों की जांच की जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

रोहित पवार ने दावा किया कि अब नेता भी पत्र लिखकर जांच की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जहाज की बॉडी एल्युमीनियम और बाहरी भाग टाइटेनियम से बना होता है, ऐसे में तकनीकी खामियों को छिपाना मुश्किल इस पूरे मामले के पीछे कौन है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें जांच एजेंसियों के काम से समाधान तो है, लेकिन जिस धीमी गति से काम हो रहा है वह संदेहास्पद है.

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