प्रधानमंत्री कार्यालय का पता आज से बदल गया है। नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए पीएम ऑफिस सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 व 2 का उद्घाटन किया। पीएम ऑफिस अब तक साउथ ब्लॉक में था। पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की इमारतें ब्रिटिश शासन की हुकूमत की प्रतीक थीं। ये भवन ब्रिटेन के महाराज की सोच को गुलाम भारत की जमीन पर उतारने का माध्यम था। हमें गुलामी की इस मानसिकता से बाहर निकलना जरूरी था।
पीएम ने कहा- दिल्ली की इमारतों में ऐतिहासिक स्थलों पर गुलामी के चिन्ह भरे पड़े हैं। आजाद भारत में जो सैनिक शहीद हुए, यहां उनके लिए कोई स्मारक नहीं था। 2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता और नहीं चलेगी। हमारे इन फैसलों के पीछे हमारी सेवा भावना है।

सेवा तीर्थ पर लिखा है- नागरिक देवो भव
भाषण से कुछ देर पहले प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स की पट्टिका का अनावरण किया। दीवार पर‘सेवा तीर्थ’ के नीचे ‘नागरिक देवो भव’ लिखा गया है।
प्रधानमंत्री का ऑफिस 1947 से साउथ ब्लॉक में रहा है। ये इमारत करीब 78 सालों से देश की सत्ता का केंद्र रही है। 2014 से मोदी सरकार ने ब्रिटिश शासकों के प्रतीकों से दूर जाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।
प्रधानमंत्री की स्पीच की बड़ी बातें…
विकसित भारत की सोच सिर्फ योजनाओं में नहीं, बल्कि काम करने की जगहों और इमारतों में भी दिखनी चाहिए। नई तकनीक के लिए पुरानी इमारतें पर्याप्त नहीं हैं। पुराने भवन छोटे और सुविधाओं में सीमित थे। करीब 100 साल पुरानी ये इमारतें जर्जर हो चुकी थीं, और इन समस्याओं की जानकारी देश को होना जरूरी है। आज भी कई मंत्रालय अलग-अलग 50 जगहों से चल रहे हैं, जिससे हर साल लगभग 1,500 करोड़ रुपए किराए में खर्च होते हैं। सभी मंत्रालय एक जगह आने से खर्च कम होगा, समय बचेगा और कामकाज बेहतर होगा।


