निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार आम बजट पेश किया. इस बजट पर विपक्षी नेताओं ने नाराज़गी जताई. राहुल गांधी, ममता बनर्जी से लेकर अखिलेश यादव ने बजट को आम लोगों से दूर बताया है. नेताओं का कहना है कि बजट में कई राज्यों की उम्मीदों को नजरअंदाज किया गया है.
भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है. इस बार का बजट “विकसित भारत” के केंद्र बिंदु पर आधारित था, जिसमें देश के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया गया. बजट में हेल्थकेयर इंडस्ट्री, डिफेंस सेक्टर, किसानों, युवा और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं.
बजट पेश होने के बाद विभिन्न वर्गों और राजनीतिक दलों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ आर्थिक विशेषज्ञ और व्यापारिक समूह इसे अर्थव्यवस्था को को गति देने वाला बताते हुए स्वागत कर रहे हैं, वहीं कुछ आलोचक इसे दिशाहीन और आम लोगों से दूर बताते हुए इसकी आलोचना कर रहे हैं.
भारत के असली संकटों से अनजान बजट : राहुल गाँधी
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया दी है. एक्स पर पोस्ट करते हुए राहुल ने लिखा, ‘बिना नौकरी वाले युवा. गिरता हुआ मैन्युफैक्चरिंग. निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं. घरेलू बचत तेज़ी से गिर रही है. किसान परेशान हैं. आने वाले वैश्विक झटके – सभी को नज़र… अंदाज़ किया गया. एक ऐसा बजट जो सुधार करने से इनकार करता है, भारत के असली संकटों से अनजान है.’
पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा बजट: भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. उन्होंने कहा कि बजट में न तो किसानों के लिएन्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP को लेकर कोई ठोस घोषणा की गई और न ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों या उद्योग और टैक्स में किसी तरह की राहत दी गई. उन्होंने कहा कि पंजाब की आर्थिक मजबूती के लिए भी बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और हर बार की तरह इस बार भी पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार किया गया.
दिशा विहीन बजट: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट को दिशा विहीन बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, महिला, किसान, SC, ST और OBC… विरोधी है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा सब्सिडी घटाई गई है और अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी है. उन्होंने शेयर बाजार के गिरने का भी जिक्र किया और आर्थिक कॉरिडोर की घोषणा को झूठा बताया.
बजट में उन्हें ‘बिहार’ शब्द तक सुनने को नहीं मिला : मीसा भारती
बिहार से राष्ट्रीय जनता दल की सांसद मीसा भारती ने कहा कि बजट में उन्हें ‘बिहार’ शब्द तक सुनने को नहीं मिला. उन्होंने कहा कि बिहार में चुनाव जीतने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि राज्य के लिए कुछ किया जाएगा, लेकिन. बजट में ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया. उन्होंने कहा कि विकसित भारत की बात की जाती है, लेकिन इसकी शुरुआत कब होगी, यह स्पष्ट नहीं है.
बीजेपी से किसी तरह की उम्मीद नहीं : अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी से किसी तरह की उम्मीद नहीं रखनी.चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि बजट कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि इस बजट में बुनियादी ढांचे से जुड़ा कोई ठोस प्रावधान नजर नहीं आता.
केरल राज्य के साथ भेदभाव : पी. राजीव
केरल के मंत्री पी. राजीव ने केंद्र सरकार पर केरल राज्य के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य की मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “यह निराशाजनक है. केरल के साथ पूर्ण रूप से भेदभाव हो रहा है. हमारी मांगों को केंद्र सरकार द्वारा बिल्कुल ध्यान में नहीं रखा जा रहा है.”
बजट में विकास और वृद्धि कही नहीं : गौरव गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रया दी है. उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों और बजट को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार के पास पूर्ण सत्ता होने के बावजूद ऐसा लगता है कि विकास और वृद्धि के लिए बजट तैयार करना आवश्यक नहीं समझा जा रहा है.
राज्यों के लिए बेहद निराशाजनक बजट : कनिमोझि
डॉ. कनिमोझि, जो कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की सांसद हैं, ने बजट पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अधिकतर राज्य राज्यों ने केंद्र से फंड आवंटन के मामले में 50% की मांग की थी, लेकिन बजट में केवल 41% ही प्रदान किए गए हैं, जो राज्यों के लिए बेहद निराशाजनक है.


