वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का आर्थिक बजट 2026 पेश कर दिया है. यह बजट आम आदमी, महिलाओं, किसानों और युवाओं पर फोकस बताया जा रहा है. इस बजट का कुल साइज 53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. इस बजट में कई बड़े ऐलान किए गए हैं. देश में 7 नए रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है. वहीं गंभीर बीमारियो की दवाओं को सस्ता कर दिया गया है.
दरअसल, इस बजट से मिडिल क्लास को खासी उम्मीदें थीं. आयकर में छूट और महंगाई पर काबू जैसे ऐलान के इंतजार कर रहे थे. सीनियर सिटीजन को भी रेल किराये में छूट समेत कई उम्मीदें थीं. लेकिन आम आदमी से जुड़े कई बड़े ऐलान नहीं हुए. आइए जानते हैं कौन-कौन से वो बड़े ऐलान हैं, जिनके के लिए अब अगले बजट तक का इंतज़ार करना पड़ेगा.
इनकम टैक्स में छूट नहीं
पिछले बजट में नए इकनम टैक्स रिजीम के तहत आम टैक्सपेयर्स को 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर ‘0’ टैक्स का ऐलान किया गया था, जिसकी लिमिट बढ़ाकर इस बार 14 लाख रुपये तक किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है. साथ ही न्यू टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्कशन को 75 हजार 1 लाख रुपये करने की उम्मीद थी.
नए टैक्स रिजीम में छूट
नए टैक्स सिस्टम के तहत PPF, NPS और ELSS जैसी योजनाओं में निवेश पर टैक्स छूट दिए जाने की उम्मीद की जा रही थी. लेकिन ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है. यह सिर्फ पुराने टैक्स रिजीम के तहत ही छूट के योग्य होंगे. ओल्ड टैक्स रिजीम में इन योजना में निवेश पर इनकम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट दी जाती है. NPS में निवेश पर अलग से 50 हजार रुपये की छूट मिलती है.
किसानों के लिए नहीं हुआ ये ऐलान
किसानों को उम्मीद थी कि पीएम किसान योजना का बजट बढाया जाएगा और इसको 6000 रुपये से बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया जाएगा,लेकिन इस बार के बजट में इसे नहीं बढ़ाया गया है. वहीं फसलों के MSP को लेकर भी कोई बड़ा ऐलान नही किया गया है.
सीनियर सिटीजन को छूट नहीं
उम्मीद थी कि सीनियर सिटीजन के लिए कुछ बीमा योजना सपोर्ट और रेलवे ट्रेन टिकट में रियायतें दी जा सकती है. लेकिन बजट में सिर्फ रेल कॉरिडोर का ही ऐलान किया गया है. वहीं सीनियर सिटीजन के लिए टीडीएस कटौती में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है.
शेयर बाजार के निवेशकों को भी झटका
बजट में शेयर बाजार निवेशकों को बड़ा झटका दिया गया है. F&O ट्रेडर्स के लिए ट्रांजैक्शन चार्ज को बढ़ा दिया गया है. जबकि उम्मीद थी कि इसमें कटौती हो सकती है. वही लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स (STCG) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. उम्मीद थी कि इसमें कटौती करके बड़ी राहत निवेशकों को दी जा सकती है.


