महाराष्ट्र की राजनीति से बड़ी खबर आ रही है. सूत्रों की मानें तो शरद पवार ही यह फैसला करेंगे कि अजित पवार की जगह डिप्टी सीएम कौन होगा?
नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित गुट और शरद पवार गुट का विलय तय माना जा रहा है. पवार परिवार के कदम से यह संकेत मिले हैं. सूत्रों के अनुसार अजित पवार के राजनीतिक उत्तराधिकारी को लेकर निर्णय अब पवार परिवार के स्तर पर तय होगा. सूत्रों के अनुसार शरद पवार यह तय करेंगे कि अगला डिप्टी सीएम कौन होगा?
दोनों परिवार आपस में साथ बैठकर इस पर अंतिम फैसला लेने की तैयारी में हैं. अगले दो दिनों के भीतर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों दलों के मर्जर का भी ऐलान हो सकता है.
सुनेत्रा को लेकर भी दबाव बना रही NCP अजित
दूसरी ओर पार्टी के विधायकों और नेताओं की ओर से सुनेत्रा पवार को पार्टी की कमान सौंपी जाने की मांग तेज हो गई है और एनसीपी नेताओं ने इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रस्ताव देने की तैयारी की है.जानकारी के अनुसार, सभी नेता दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री के वर्षा निवास पर एक साथ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे. इसी सिलसिले में वरिष्ठ नेता छगन भुजबल भी मुख्यमंत्री से मिलने के लिए वर्षा निवास पहुंचेंगे जहां आगे की राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा होने की संभावना है. इसके अलावा NCP नेताओं ने एक प्रस्ताव दिया है कि अभी वर्किंग प्रेसिडेंट प्रफुल्ल पटेल को NCP का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए.
पवार परिवार के फैसले पर टिकी निगाह
माना जा रहा है कि पवार परिवार जिस नाम पर सहमति बनाएगा, उसी पर आगे राजनीतिक फैसला तय होगा. बता दें महायुति की सरकार में अजित पवार के पास डिप्टी चीफ मिनिस्टर के पद के साथ-साथ फाइनेंस, एक्साइज और स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट भी थे. अब NCP नेताओं के बीच इस बात पर चर्चा हो रही है कि इन डिपार्टमेंट्स का चार्ज किसे दिया जाए और पार्टी की नेशनल लीडरशिप किसे सौंपी जाए.
अगर जिंदा होते अजित पवार तो महाराष्ट्र में होने वाला था बड़ा सियासी बदलाव
अजित पवार की असामयिक मृत्यु से पहले, शरद पवार और उनके बीच NCP के दोनों गुटों को एकजुट करने पर सहमति बन गई थी. सूत्रों के अनुसार, 8 फरवरी को विलय की घोषणा होने वाली थी.महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की असामयिक मौत के बाद से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है. इस बीच सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर आ रही है कि अगर अजित पवार जिंदा होते तो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा परिवर्तन आने वाला था. बदलाव यानी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार की मृत्यु से पहले यह फैसला हो गया था कि चाचा-भतीजा साथ आ जाएंगे और एनसीपी अब विभाजित नहीं रहेगी.
सूत्रों की मानें तो बारामती विमान हादसे के कुछ दिन पहले ही अजित पवार और शरद पवार के बीच बातचीत हुई थी. इस बातचीत में एनसीपी के दोनों गुटों के एक होने पर सहमती बन गई थी. इसके बाद दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच एक बैठक हुई जिसमें आगे की प्रक्रिया पर चर्चा की गई.
8 फरवरी को NCP विलय का होना था ऐलान?
सूत्रों का दावा है कि अजित पवार और शरद पवार ने जिला परिषद चुनाव के तुरंत बाद इस विलय का ऐलान करने का फैसला लिया था. बताया जा रहा है कि 8 फरवरी को इसकी घोषणा होने की तैयारी भी की गई थी, लेकिन इससे पहले ही दुखद विमान हादसे में अजित पवार नहीं रहे.
अजित पवार के करीबी ने भी किया यही दावा
इससे पहले अजित पवार के करीबी रहे किरण गुजर ने भी यह दावा किया था कि एनसीपी के दोनों सीनियर नेताओं ने बारामती प्लेन क्रैश के ठीक 5 दिन पहले इस विषय पर लंबी चर्चा की थी और दोनों इस बात से सहमत थे कि पार्टियों को एक हो जाना चाहिए. किरण गुजर ने दावा किया था कि दोनों चाचा-भतीजे इस फैसले से खुश थे और विलय को लेकर उत्साहित भी थे. अजित पवार के करीबी ने यह भी बताया कि एनसीपी चीफ दोनों गुटों का विलय महाराष्ट्र के हित में मानते थे.


