राष्ट्रनिर्माता बाबासाहब डॉ.आंबेडकर की तस्वीर जलाने की घटना के सन्दर्भ में बहुजन समाज पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है. विगत शनिवार बसपा कार्यकर्ता हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे और आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की मांग भी की .
बीएसपी नहीं होती तो ये लोग वंचित समाज की आवाज़ दबा देते : मायावती
ग्वालियर में बाबासाहब आंबेडकर की प्रतिमा जलाने की घटना पर रोष व्यक्त करते हुए मायावती ने कहा है कि अगर बीएसपी नहीं बनी होती तो अब तक ये बाबासाहब का नाम मिटा देते और जो संविधान में दबे कुचले लोगों को कानूनी अधिकार मिले है उन्हें खत्म कर देते। आज दलित समाज मजबूती से खड़ा है इसके पीछे बीएसपी का बहुत बड़ा हाथ है.
राष्ट्रनिर्माता बाबासाहब डॉ.आंबेडकर की तस्वीर जलाने की घटना के सन्दर्भ में बहुजन समाज पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है. विगत शनिवार बसपा कार्यकर्ता हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे और आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की मांग भी की . बसपा कार्यकर्ताओं ने शहर में करीब 5 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकालते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अनिल मिश्रा, गौरव व्यास सहित पांच अन्य आरोपियों पर NSA के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि बाबा साहब आम्बेडकर की तस्वीर जलाना केवल एक व्यक्ति विशेष का अपमान नहीं, बल्कि संविधान और सामाजिक न्याय पर सीधा हमला है। इस तरह की घटनाएं समाज में तनाव फैलाने का कार्य करती हैं, जिन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही NSA के तहत कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती के निर्देश पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।


