नागपुर, 13 अक्टूबर: धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के पावन अवसर पर हर साल देश-विदेश से लाखों अनुयायी नागपुर की ऐतिहासिक दीक्षाभूमि पर पहुंचते हैं। दूर-दराज से आने वाले इन अनुयायियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए इस वर्ष जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार बड़े पैमाने पर ठहरने (निवास) की शानदार व्यवस्था की है। इस विशेष व्यवस्था के तहत एक साथ 23 हजार 100 अनुयायी आराम से विश्राम कर सकेंगी की क्षमता तैयार की गई है।
24 विशेष निवास कक्ष और प्रमुख स्थल
प्रशासन की ओर से नागपुर के विभिन्न हिस्सों में कुल 24 निवास कक्ष स्थापित किए गए हैं। इनमें से 21 स्थानों पर प्रत्येक कक्ष की क्षमता एक-एक हजार अनुयायियों की है, जिससे 21 हजार लोगों के ठहरने का प्रबंध हुआ है:
- प्रमुख स्थान: सामाजिक न्याय भवन परिसर, दीक्षाभूमि परिसर, पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय परिसर, आईटीआई (ITI) इमारत, जिला मलेरिया कार्यालय (हिवताप कार्यालय), कुर्वेस स्कूल, ऊंटखाना, बेझनबाग और ड्रैगन पैलेस (कामठी)।
- अतिरिक्त व्यवस्था: इसके अलावा, सामाजिक न्याय भवन में 700-700 क्षमता के दो कक्ष और विदर्भ विकास महामंडळ में 700 क्षमता का एक कक्ष बनाया गया है, जिससे 2,100 अतिरिक्त अनुयायियों के ठहरने की सुविधा सुनिश्चित की गई है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे निवास कक्ष
अनुयायियों की सुविधा और आराम का पूरा ध्यान रखते हुए इन सभी कक्षों में निम्नलिखित बुनियादी व आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं:
- पंखे, कूलर और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था।
- मोबाइल चार्जिंग के लिए सॉकेट पॉइंट्स।
- प्रत्येक व्यक्ति के लिए स्वच्छ बिस्तर, चादर (अंथरूण-पांघरूण) और आवश्यक बेडसाजो-सामान।
- निर्बाध बिजली आपूर्ति (Power Backup) के लिए जनरेटर।
- किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक कक्ष में शिकायत निवारण कक्ष, सूचना व मार्गदर्शन केंद्र तथा हेल्प डेस्क।
- पहचान आसान बनाने के लिए प्रत्येक निवास कक्ष को विशेष नाम दिए गए हैं।
माताओं और शिशुओं के लिए विशेष ‘हिरकणी कक्ष’
छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिला अनुयायियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। उनके लिए निवास कक्षों में एक सुरक्षित, स्वच्छ और गोपनीय ‘हिरकणी कक्ष’ (মাতृत्व कक्ष) बनाया गया है, जहाँ आवश्यक सामग्री और विश्राम की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, महिलाओं की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कक्ष में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन भी लगाई गई हैं।
‘भीमसृष्टि’: बाबासाहेब के विचारों का जीवंत दर्शन
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन संघर्ष, उनके सामाजिक कार्यों और विचारों से नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिए प्रत्येक निवास कक्ष में ‘भीमसृष्टि’ नाम से एक विशेष प्रदर्शनी दालन (Gallery) बनाया जा रहा है। यहाँ बाबासाहेब के जीवन प्रवास पर आधारित साहित्य, चित्र और वृत्तचित्र (Video Documentaries) प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे पूरे परिसर में एक प्रेरणादायी और ऊर्जावान वातावरण का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर की पहल से साकार हुआ सपना
धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर आने वाले अनुयायियों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष एक व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की थी। मुख्यमंत्री की सहमति और मार्गदर्शन के बाद, जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से इतिहास में पहली बार दीक्षाभूमि आने वाले अनुयायियों के लिए इतनी विशाल और सुव्यवस्थित निवास व्यवस्था का निर्माण संभव हो पाया है।