परिवार का आरोप है कि साहिल को संस्थान में जातिगत भेदभाव और कथित उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। इसी आधार पर साहिल के पिता की शिकायत पर प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। परिवार उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
मुंबई: IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में उनके माता-पिता का विरोध प्रदर्शन जारी है। रविंद्र और सोनाली वाकोड़े ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को मुंबई के आज़ाद मैदान में भूख हड़ताल के तीसरे दिन भी अपना आंदोलन जारी रखा। परिवार की मुख्य मांग प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला और IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे के खिलाफ कार्रवाई की है।
परिवार का आरोप है कि साहिल को संस्थान में जातिगत भेदभाव और कथित उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। इसी आधार पर साहिल के पिता की शिकायत पर प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। परिवार उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
FIR दर्ज, लेकिन गिरफ्तारी अब तक नहीं
यह कहना कि प्रोफेसर के खिलाफ “कोई कार्रवाई ही नहीं हुई”, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सही नहीं होगा। प्रोफेसर दुल्ला का नाम FIR में दर्ज है और उन्हें जांच के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के लिए छुट्टी पर भेजा गया है। हालांकि, 30 सितंबर तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी और पुलिस ने उनका बयान भी दर्ज नहीं किया था।
यही वजह है कि साहिल के माता-पिता लगातार उनकी गिरफ्तारी और मामले में आगे कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
क्राइम ब्रांच ने 40 लोगों के बयान दर्ज किए
मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। 30 सितंबर तक जांचकर्ताओं ने साहिल के माता-पिता, साथी छात्रों, IIT के हॉस्टल कर्मचारियों और अन्य लोगों समेत करीब 40 लोगों के बयान दर्ज किए थे। पुलिस CCTV फुटेज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि 18 सितंबर की घटनाओं की पूरी कड़ी सामने आ सके।
पुलिस ने साहिल के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि परीक्षा के बाद साहिल के साथ क्या-क्या हुआ और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि कैसे होती है।
IIT बॉम्बे ने बनाई 10 सदस्यीय जांच समिति
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की थी। हालांकि, कुछ छात्रों और परिवार की ओर से समिति की संरचना पर सवाल उठाए गए हैं और बाहरी सदस्यों वाली स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है।
इसी बीच, परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली है। 30 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक परिवार के वकील ने भी यही बात कही थी।
आज़ाद मैदान में जारी है परिवार का संघर्ष
आज़ाद मैदान में चल रहे प्रदर्शन में मुंबई यूथ कांग्रेस और All India Students’ Federation (AISF) से जुड़े कुछ लोग भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी साहिल की तस्वीर लेकर न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
इस मामले में अब सबसे अहम सवाल यह है कि क्राइम ब्रांच की जांच में आगे क्या सामने आता है और FIR में नामजद प्रोफेसर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है। फिलहाल जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।