कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पार्टी आलाकमान से किए गए अपने वादे के मुताबिक़ अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. इससे पहले उन्होंने संकेत दिया था कि वह कांग्रेस आलाकमान की बात मानेंगे और अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे. उन्होंने 2013 से 2018 तक मुख्यमंत्री का पूरा पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा किया था और 20 मई को अपने दूसरे कार्यकाल के तीन वर्ष भी पूरे किए.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पार्टी आलाकमान से किए गए अपने वादे के मुताबिक़ अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. इससे पहले उन्होंने संकेत दिया था कि वह कांग्रेस आलाकमान की बात मानेंगे और अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे. उन्होंने 2013 से 2018 तक मुख्यमंत्री का पूरा पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा किया था और 20 मई को अपने दूसरे कार्यकाल के तीन वर्ष भी पूरे किए.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सिद्धारमैया ने कर्नाटक के राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है. राज्यपाल थावरचंद गहलोत, जो राज्य से बाहर हैं, आज रात लौट रहे हैं. इस्तीफ़े की घोषणा करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, “मैंने आज अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है. मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे यह अवसर दिया.”
जब भावुक हुए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार
कर्नाटक में सत्ता का हस्तांतरण अब सहज तरीके से होता दिख रहा है.गुरुवार को अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ नाश्ते पर हुई बैठक, भावुक माहौल में बदल गई. यहां तक कि डीके शिवकुमार भी सिद्धारमैया को गले लगाते और उनके पैर छूते हुए भावुक हो गए. दोपहर के आसपास समाप्त हुई नाश्ते की बैठक के बाद, एक मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, “शिवकुमार ने उनका (सिद्धारमैया का) आशीर्वाद भी लिया.
एक अन्य मंत्री ने कहा, “जब सिद्धारमैया ने उनके साथ सहयोग करने के लिए मंत्रियों को धन्यवाद दिया तो कुछ मंत्रियों की आंखों में आंसू थे.”नाम न छापने की शर्त पर उस मंत्री ने कहा, “एक समय वह ख़ुद भी भावुक हो गए थे.”सिद्धारमैया का राज्यपाल थावरचंद गहलोत को औपचारिक रूप से इस्तीफ़ा सौंपना कल दिए गए समय के अनुसार दोपहर तीन बजे होना था.हालांकि, बीती रात 11 बजकर 45 मिनट पर राज्यपाल के अचानक रवाना हो जाने से इस्तीफ़े की प्रक्रिया रुक गई थी.