जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके नाम 600 से अधिक पदक दर्ज हैं.1994 में मिलान में हुई जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. उसी साल हिरोशिमा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी. आज उनके निधन पर हर कोई दुखी है.
उत्तराखंड के दिग्गज शूटर और पद्मश्री जसपाल राणा के निधन से खेल जगत से लेकर आमजन तक दुखी हैं. आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. बताया जा रहा है कि उनका पार्थिव शरीर देहरादून से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेगा. फिर वहां से सड़क मार्ग से होते हुए मणिकर्णिका घाट ले जाया जाएगा. यहां पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद मुखाग्नि दी जाएगी.
अंतिम यात्रा हुई पूरी
आज देहरादून में सुबह 10:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई. इस भावुक क्षण में उनकी शिष्या और ओलंपियन मनु भाकर भी गुरु के अंतिम दर्शन करने पहुंची और फूट-फूट कर रो पड़ीं. इस दौरान जसपाल के पिता नारायण राणा ने उन्हें ढांढस बंधाया.
बता दें, इससे पहले शुक्रवार शाम करीब 7:45 बजे उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से देहरादून स्थित पोंदा के मझोन गांव पहुंचा था, जहां देर रात तक अंतिम दर्शन के लिए खिलाड़ियों, राजनीतिक नेताओं और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा.
मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार
जसपाल राणा का अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार किया जा रहा है. उनके चाचा राजेंद्र राणा ने बताया कि जसपाल राणा ने कई बार इच्छा जताई थी कि उनका अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर हो. इसी वजह से परिवार ने वाराणसी में अंतिम संस्कार का निर्णय लिया है. जसपाल राणा (49) का शुक्रवार सुबह निधन हो गया था. वे पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे. जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी.
मुख्यमंत्री धामी समेत कई गणमान्य पहुंचे
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके घर पहुंचे और स्वजन से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने जसपाल राणा के निधन को देश और उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि जसपाल राणा की उपलब्धियों और उनका जज्बा हमेशा युवाओं को प्रेरणा देता रहेगा. इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और खेल